सुनील वर्मा. जोधपुर
महात्मा गांधी अस्पताल में हर शुक्रवार को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वस्थ जीवन और आपातकालीन स्थिति में सटीक प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर फतेह सिंह भाटी ने किया।
उन्होंने कहा, “CPR एक जीवन रक्षक तकनीक है। इससे न केवल कार्डियक अरेस्ट के दौरान मरीज को बचाने में मदद मिलती है, बल्कि यह हर किसी के लिए महत्वपूर्ण है कि वे आपातकालीन स्थिति में सही तरीके से प्रतिक्रिया दें।” प्रशिक्षण में स्थानीय निवासियों, छात्रों, नर्सिंग कर्मियों और चिकित्सा पेशेवरों के लिए दो घंटे की कार्यशाला होंगी, जिनमें अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। एनेस्थिसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कर्णावट का कहना है कि सही तकनीक से CPR करने से मरीज की हृदयघात आदि स्थिति में जीवित रहने की संभावनाओं में सुधार हो सकता है तथा यह शिविर सभी जिज्ञासुओं की ज्ञान वृद्धि के लिए अति उत्तम है।। यह साप्ताहिक प्रशिक्षण शिविर महात्मा गांधी हॉस्पिटल की स्किल लैब में होगा, जहां आधुनिक प्रशिक्षण हेतु डमीज़/ मेनिकिन उपलब्ध हैं।
स्किल लैब इंचार्ज डॉ. शिखा सोनी ने बताया कि भागीदारी करने के इच्छुक लोग रजिस्ट्रेशन हेतु स्किल लैब महात्मा गांधी अस्पताल जोधपुर की नर्सिंग अधिकारी श्रीमती प्रिया से प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे के मध्य संपर्क कर सकते हैं। आयोजन का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और उन्हें इस तकनीक में दक्ष बनाना है, ताकि वे आपातकालीन स्थितियों में सहायता कर सकें।
इस कार्यक्रम में भागीदारी करने वाले सभी लोगों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे, जिससे उन्हें इस महत्वपूर्ण कौशल के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ भंवर सिंह जोधा ने इस जीवनरक्षक प्रशिक्षण में अधिक से अधिक भाग लेने की अपील की है, ताकि समस्त लोग CPR तकनीक से परिचित हो सकें और जीवन बचाने में सक्षम बन सकें।



