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Thursday, July 9, 2026, 7:26 am

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हनुमान जन्मोत्सव और मेष संक्रांति पर भक्ति की अविरल धारा, अंतर्राष्ट्रीय श्रेया क्लब महिला प्रकोष्ठ का ऑनलाइन आयोजन बना श्रद्धा का संगम

देशभर की महिलाओं ने गूगल मीट के माध्यम से प्रस्तुत किए भजन, संस्कृति संरक्षण के साथ महिला सशक्तिकरण का भी दिया संदेश

राखी पुरोहित | जोधपुर

भारतीय सनातन परंपराओं की गरिमा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत वातावरण उस समय साकार हो उठा, जब अंतर्राष्ट्रीय श्रेया क्लब महिला प्रकोष्ठ द्वारा हनुमान जन्मोत्सव एवं मेष संक्रांति के पावन अवसर पर एक भव्य ऑनलाइन भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस आयोजन में देश के विभिन्न प्रांतों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी भक्ति-भाव से परिपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति में सराबोर हो गया।

कार्यक्रम का आयोजन गूगल मीट के माध्यम से किया गया, जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठी सखियों ने एक ही मंच पर आकर अपनी आस्था और संस्कृति के प्रति प्रेम को अभिव्यक्त किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का भी प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।

सनातन संस्कृति के संरक्षण का अनूठा प्रयास

अंतर्राष्ट्रीय श्रेया क्लब महिला प्रकोष्ठ लंबे समय से भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रहा है। क्लब की संस्थापिका डॉ. अर्चना श्रेया के कुशल नेतृत्व में यह संस्था निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही है।

हनुमान जयंती और मेष संक्रांति जैसे महत्वपूर्ण पर्वों को एक साथ मनाने का उद्देश्य भी यही था कि भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धि को एक मंच पर प्रस्तुत किया जा सके। आयोजन में शामिल महिलाओं ने न केवल भजन प्रस्तुत किए, बल्कि इन पर्वों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

भक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम की सबसे खास बात रही प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत किए गए भजन, स्तुति और धार्मिक गीत। हर प्रस्तुति में भावनाओं की गहराई और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। किसी ने हनुमान जी की महिमा का गुणगान किया, तो किसी ने नववर्ष और मेष संक्रांति के महत्व को गीतों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

इन प्रस्तुतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि भक्ति केवल मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर हृदय में निवास करती है। डिजिटल माध्यम के बावजूद प्रतिभागियों की ऊर्जा और समर्पण में कोई कमी नहीं आई, बल्कि यह आयोजन और भी प्रभावशाली बन गया।

नेतृत्व और समन्वय ने दी सफलता को नई ऊंचाई

इस सफल आयोजन के पीछे क्लब की टीम का समर्पण और कुशल समन्वय प्रमुख रहा। संयोजक मीता लुनिवाल “मीत”, सांस्कृतिक सचिव तनुजा शुक्ला, पटल व्यवस्थापक शिवली गोस्वामी, संचालनकर्त्ता डॉ. आनंदी सिंह रावत और संरक्षक वनदेवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इन सभी पदाधिकारियों ने न केवल कार्यक्रम की योजना बनाई, बल्कि प्रतिभागियों को निरंतर प्रोत्साहित करते हुए उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

पदाधिकारियों ने सराहा प्रतिभागियों का योगदान

कार्यक्रम के दौरान क्लब की अध्यक्ष हेमाश्री, महासचिव क्षमा पाण्डेय और सलाहकार दीपमाला ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके योगदान को अमूल्य बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल हमारी संस्कृति को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं।

पटल प्रभारी विनीता लावनियां ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. अर्चना श्रेया द्वारा स्थापित यह मंच महिलाओं के लिए अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से महिलाएं न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं, बल्कि आत्मविश्वास भी प्राप्त कर रही हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया। आज के डिजिटल युग में जब महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं, ऐसे मंच उन्हें और अधिक सशक्त बनाने का कार्य कर रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय श्रेया क्लब महिला प्रकोष्ठ का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि जब महिलाओं को सही दिशा और मंच मिलता है, तो वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

डिजिटल माध्यम बना सांस्कृतिक सेतु

कोरोना काल के बाद से डिजिटल माध्यमों का महत्व काफी बढ़ गया है। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि तकनीक का सही उपयोग करके हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को और भी व्यापक स्तर पर प्रसारित कर सकते हैं।

गूगल मीट जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में बैठी महिलाएं एक साथ जुड़ीं और एक साझा मंच पर अपनी भक्ति और भावनाओं को व्यक्त किया। यह एक प्रकार से सांस्कृतिक सेतु का कार्य कर रहा है, जो दूरियों को मिटाकर दिलों को जोड़ रहा है।

समीक्षक और मीडिया टीम का सराहनीय योगदान

कार्यक्रम की सफलता में समीक्षक शिखा पाण्डेय और मीडिया प्रभारी राखी पुरोहित, संजीदा खानम शाहीन का भी विशेष योगदान रहा।  उन्होंने न केवल कार्यक्रम का समुचित मूल्यांकन किया, बल्कि उसे व्यापक स्तर पर प्रचारित करने का भी कार्य किया।

अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर प्रगति की कामना की।

भक्ति, संस्कृति और एकता का अद्भुत संगम

हनुमान जन्मोत्सव एवं मेष संक्रांति के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम भक्ति, संस्कृति और एकता का अद्भुत संगम साबित हुआ। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि चाहे समय कितना भी बदल जाए, हमारी संस्कृति और परंपराएं आज भी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं।

अंतर्राष्ट्रीय श्रेया क्लब महिला प्रकोष्ठ का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। माह के अंत में हर प्रतियोगिता के लिए सभी सहभागियों को और श्रेया क्लब के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सभी सखियों का आभार।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor