शहरों से खेजड़ी विलुप्त हो रही है, त्योहारों, परंपराओं पर भी चल रही मानो वक्त की कुल्हाड़ी
आनंद एम. वासु. जोधपुर
आज जोधपुर शहर में ज्येष्ठा आदित की पूजा करने के लिए महिलाओं को खेजड़ी के पेड़ को ढूंढने में बहुत परेशानी हुई। जैसा कि धार्मिक मान्यता है, इस दिन खेजड़ी के पेड़ की पूजा की जाती है। हालांकि, शहर में खेजड़ी के पेड़ों की कमी होने के कारण महिलाओं को काफी देर तक भटकना पड़ा।
यह खबर शहर के कई हिस्सों से आई है। महिलाओं ने शिकायत की कि उन्हें खेजड़ी के पेड़ को ढूंढने में काफी समय लगा और उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। कुछ महिलाओं ने यह भी कहा कि उन्हें कई जगहों पर खेजड़ी के पेड़ मिले ही नहीं।
यह एक चिंताजनक स्थिति है कि शहर में खेजड़ी के पेड़ों की संख्या कम हो रही है। खेजड़ी का पेड़ न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय संसाधन भी है। खेजड़ी के पेड़ को बचाना और इसकी संख्या बढ़ाना बहुत जरूरी है।



