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Thursday, July 9, 2026, 7:26 am

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सहयोग टाइम बैंक की मासिक बैठक 9 मई को

बुजुर्गों की सेवा के लिए समय का अनोखा आदान-प्रदान मॉडल है सहयोग टाइम बैंक—न्याय, समाजसेवा और जनसहयोग से जुड़े कई गणमान्य अतिथि होंगे शामिल

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

बुजुर्गों की सेवा और सामाजिक सहयोग की अनूठी अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए प्रकल्प–सहयोग टाइम बैंक की मासिक बैठक 9 मई (शनिवार) को शाम 4 बजे मोटर मर्चेंट हॉल, सरदारपुरा में आयोजित की जाएगी। यह बैठक न केवल संगठन की गतिविधियों की समीक्षा का मंच होगी, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना को सुदृढ़ करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर बनेगी।

सहयोग टाइम बैंक टीम के फाउंडर रवि सुराणा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति कार्यक्रम को विशेष बनाएगी। मुख्य अतिथि के रूप में विकास रतन, समाज रतन, दानवीर और भामाशाह के रूप में विख्यात श्याम सा कुंभट शामिल होंगे। वहीं गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में गुजरात हाईकोर्ट और मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे विनीत कोठारी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

इसके अलावा कार्यक्रम में सहयोग टाइम बैंक के मार्गदर्शक समाजसेवी सुरेश राठी, सक्षम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री चंद्रशेखर, अनुबंध वृद्धजन कुटीर की फाउंडर और सहयोग टाइम बैंक की मार्गदर्शक अनुराधा अडवानी और केयरगिवर आशा सोसायटी के फाउंडर और सहयोग टाइम बैंक के मार्गदर्शक डॉ. अरविंद माथुर भी गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी एवं बिजनेसमैन सुनील तलवार, एमडीएम अस्पताल के जिरिएट्रिक विभाग से जुड़े डॉ. हरीश अग्रवाल, समाजसेवी एवं व्यवसायी संदीप मेहता तथा समाजसेवी और बिजनेसमैन नरेश सुराणा भी मौजूद रहेंगे।

पैसों के बजाय समय का लेन-देन होता है : रवि सुराणा 

सहयोग टाइम बैंक के फाउंडर रवि सुराणा ने बताया कि सहयोग टाइम बैंक एक अभिनव सामाजिक मॉडल है, जिसमें पैसों के बजाय “समय” का लेन-देन होता है। इस पहल के तहत सदस्य अपने समय का उपयोग बुजुर्गों की सेवा में करते हैं—जैसे उन्हें अस्पताल ले जाना, उनके साथ समय बिताना, दैनिक कार्यों में मदद करना आदि। इस सेवा के बदले उनका समय ‘टाइम बैंक’ में जमा हो जाता है।

यह जमा किया गया समय भविष्य में जरूरत पड़ने पर अन्य सदस्यों द्वारा उन्हें वापस सेवा के रूप में दिया जाता है। इस तरह यह पूरी व्यवस्था पारस्परिक सहयोग और विश्वास पर आधारित है, जहां हर व्यक्ति एक-दूसरे के लिए सहारा बनता है।

सेवा और संवेदना का मजबूत संदेश

सहयोग टाइम बैंक की यह पहल समाज में तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच बुजुर्गों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही है। जहां एक ओर परिवार छोटे होते जा रहे हैं और समय की कमी बढ़ रही है, वहीं यह मॉडल सामूहिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को पुनर्जीवित करता है।

फाउंडर रवि सुराणा ने बताया कि इस पहल का मूल उद्देश्य यह संदेश देना है कि “अगर हम किसी की मदद के लिए समय निकालेंगे, तो समाज भी हमारे लिए खड़ा रहेगा।” यह सोच समाज में आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है।

बैठक को लेकर उत्साह

फाउंडर रवि सुराणा ने बताया कि 9 मई को होने वाली बैठक की तैयारियां जोरों पर हैं और सभी सदस्यों एवं अतिथियों को आमंत्रित किया जा रहा है। संगठन के सदस्यों में बैठक को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। इस दौरान संगठन की आगामी योजनाओं, विस्तार और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने पर भी चर्चा की जाएगी। सहयोग टाइम बैंक की यह पहल आज के दौर में सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यह न केवल बुजुर्गों के जीवन को आसान बनाती है, बल्कि समाज में सहानुभूति, सहयोग और मानवीय रिश्तों की नई परिभाषा भी गढ़ती है। 9 मई की यह बैठक निश्चित रूप से इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor