प्रेम की गहरी परिभाषा लिख गए राधा-किशन, एक-दूजे के बिना जीना स्वीकार नहीं किया…
पंकज जांगिड़. जोधपुर
कभी-कभी प्रेम शब्दों में नहीं, जीवन के अंतिम पलों में अपनी सबसे गहरी परिभाषा लिख जाता है। कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी 49 साल साथ निभाने वाले दंपती भी ऐसी ही परिभाषा लिख गए। दोनों ने एक दूसरे के बिना जीना स्वीकार ही नहीं किया। 26 अप्रैल को पत्नी राधा कंवर के निधन के बाद पति किशन सिंह राठौड़ भी यह सदमा सह नहीं सके और अगले ही दिन उनका निधन हो गया।
राधा-किशन के अनूठे बंधन की स्मृति में स्वरांजली स्वरूप भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भजन गायक पंकज बिंदास, विजय लौहार, नरपत सिंह गौड़, अजय सिंह सोढा, गजेन्द्र सिंह पंवार, मोहित सिंह सोढा आदि कलाकारों ने भावमय व संदेशप्रद भजनों की प्रस्तुति दी तो परिजन और उपस्थित श्रोता भावविभोर हो गए।
परिजन अजय सिंह, विजय सिंह व ममता ने बताया कि करीब पांच दशकों तक साथ निभाते हुए उन्होंने एक सशक्त और संस्कारी परिवार खड़ा किया। राधा कंवर का हार्ट अटैक से निधन हुआ, जिसके बाद किशन सिंह गहरे सदमे में चले गए और अगले दिन उठावने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने से उनका भी निधन हो गया। किशन सिंह राठौड़ सरकारी सेवा में रहे और हॉकी के अच्छे खिलाड़ी थे। राधा कंवर धार्मिक, त्यागमयी और स्नेहमयी स्वभाव की थीं।



