(विमला देवी)
(बड़ी बहन विमला देवी से राखी बंधवाते अशोक गहलोत। फाइल फोटो)
(अपनी बहन और परिवार के साथ अशोक गहलोत। फाइल फोटो)
अशोक गहलोत अपनी बड़ी बहन विमला देवी से बहुत प्यारे करते थे, वे चाहे कितना ही व्यस्त क्यों न होते रक्षा बंधन पर स्नेह का धागा बंधवाने के लिए जोधपुर पहुंच ही जाते थे, इस बार वो राखी की डोर छूट ही गई…
शिव वर्मा. जोधपुर
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बड़ी बहन विमला देवी का मंगलवार को निधन हाे गया। वे लंबे समय से बीमार थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा और अशोक गहलोत भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। गहलोत अपनी बड़ी बहन से बहुत प्रेम करते थे और हर साल राखी पर स्नेह का धागा बंधवाने आते थे। वे चाहे कितना ही व्यस्त क्यों न होते राखी के पर्व पर अपनी बहन से राखी बंधवाने आ ही जाते थे।
इस तरह राखी का धागा छूट गया और गहलोत की बहन अब इस दुनिया में नहीं रही। भाई और बहन का रिश्ता न केवल पवित्र होता है वरन प्रेम के इस रिश्ते का मोल तो भाई-बहन ही समझ सकते हैं। अशोक गहलोत की राजनीति में उनकी बहन विमला देवी की करोड़ों आशीषों का योगदान भी था। पिछले विधानसभा चुनाव में भी विमला देवी ने अपनी ओर से कुछ रुपए अशोक गहलोत को चुनाव प्रचार के लिए दिए थे। अशोक गहलोत की विमला देवी से कई यादें जुड़ी हुई है।
और विमला देवी की दुआ कुबूल हुई : गहलोत तीसरी बार सीएम बने
एक किस्सा जो राइजिंग भास्कर को पता है पाठकों के साथ शेयर किया जा रहा है। जब अशोक गहलोत तीसरी बार मुख्यमंत्री बने थे तो उनकी राह आसान नहीं थी। सचिन पायलट भी प्रमुख उम्मीदवार थे। राहुल गांधी चाहते थे कि सचिन को ही मुख्यमंत्री बनाया जाए। विमला देवी को गहलोत ने बताया कि इस बार उनकी राह आसान नहीं है। विमला देवी भगवान में बड़ी आस्था रखती थी। उन्हाेंने कहा कि भाई तुम धैर्य मत खोओ। मेरे ठाकुरजी पर मुझे पूरा भरोसा है। वे तुम्हारे साथ कुछ भी अन्याय नहीं करेंगे। और फिर लाखों लोगों की दुआएं तुम्हारें साथ है। विमला देवी ने ठाकुरजी का स्मरण किया और संकल्प लिया कि जब अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा होगी तभी भोजन ग्रहण करेगी। और वही हुआ। विमला देवी की दुआ कुबूल हुई और अशोक गहलोत तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। यह किस्सा विमला देवी ने राइजिंग भास्कर के साथ अपनी मृत्यु से कुछ समय पूर्व ही शेयर किया था। जब चौथी बार अशोक गहलोत मुख्यमंत्री नहीं बने तो विमला देवी को बड़ा दुख हुआ और उन्होंने इस गम में बिस्तर ही पकड़ लिया और अंतत: उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। जब-जब भाई-बहन के प्रेम की कहानी लिखी जाएगी अशोक गहलोत और विमला देवी के किस्से लोग कभी भूल नहीं पाएंगे।
शहर में शोक की लहर, कांग्रेसी गमगीन
विमला देवी के निधन से शहर में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेसी कार्यकर्ता गमगीन हो गए। अशोक गहलोत और विमला देवी के बीच प्रेम का जो रिश्ता था उसे हर कार्यकर्ता शिद्दत से जानते थे। अशोक गहलोत को बहन के जाने का बड़ा दुख हुआ। गहलोत के साथ ही हजारों कार्यकर्ता भी दुखी हो गए। जोधपुर में जैसे ही विमला देवी के निधन की खबर फैली हर कोई इस खबर का पुख्ता करने के लिए फोन लगाते रहे। जैसे ही कन्फर्म हो गया कि विमला देवी नहीं रही। हर कोई उदास हो गया। राजनीति में आज अशोक गहलोत का नक्षत्र स्थापित है तो उसके पीछे बहन विमला देवी की तपस्या और आशीर्वाद भी कम जिम्मेदार नहीं है। यही कारण है कि हर कार्यकर्ता विमला देवी का सम्मान करते थे।






