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Sunday, August 23, 2026, 7:11 am

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धन्य हुई शबरी…भगवान भक्त का भाव देखते हैं, जाति-कुल,धर्म नहीं’ : संत मदन दास

शबरी का सब्र : शबरी ने लंबा इंतजार किया…अंतत: प्रभु श्री राम ने दर्शन दिए और शबरी धन्य हुई…।

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmai.com

भगवान भक्त का भाव देखते हैं। जाति-कुल, धर्म नहीं’। ये विचार शबरी के चरित्र पर बोलते हुए संत मदन दास महाराज ने पाल गांव के एम.डी. सारण स्कूल में श्री भक्तमाल कथा के शुभारंभ के दौरान व्यक्त किए। व्यास पूजन के साथ शुरू हुई कथा में संत मदन दास महाराज ने कथा के प्रथम दिवस पर भक्तमती शबरी बाई के भावपूर्ण चरित्र को बड़े ही ओजस्वी और भावुक अंदाज में सुनाया।

महाराज ने कहा, “भगवान भक्त का भाव देखते हैं, वे कभी किसी की जाति, कुल या धर्म नहीं देखते।” उन्होंने शबरी माता के उदाहरण के माध्यम से बताया कि शबरी ने अपने गुरु के वचनों का अक्षरशः पालन किया और वर्षों तक भगवान राम की प्रतीक्षा की। अंत में स्वयं भगवान राम उन्हें दर्शन देने पधारे।

गुरु के वचनों पर विश्वास रख कर्म करें : 

संत मदन दास महाराज ने आगे कहा, “व्यक्ति को सदा गुरु के वचनों पर पूर्ण विश्वास रखते हुए अपने कर्म करते रहना चाहिए। गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार से मनुष्य को निकालकर हृदय में ज्ञान रूपी दीपक जलाते हैं और भगवान की भक्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। जिससे साधक सहजता से अपना जीवन धन्य बना लेता है।” कथा श्रवण के दौरान भक्तिमय माहौल रहा। श्रोतागण भावविभोर होकर संत महाराज के प्रवचन सुन रहे थे।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख भलाराम सारण, डॉ. अर्जुन (एम्स हॉस्पिटल),
श्रवणराम सारण, राणीदानसिंह सहित अनेक श्रद्धालु और भक्तगण उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि कथा का यह सिलसिला अगले कई दिनों तक चलेगा, जिसमें भक्तमाल के विभिन्न महान संतों एवं भक्तों के चरित्रों को प्रस्तुत किया जाएगा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor