फोटो स्टोरी : दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
यादें ही वो अहसास है जो कभी आदमी को मरने नहीं देते। बशीर भद्र जैसे शाइर और कवि शरीर छोड़ सकते हैं मगर अपने शब्दों से जो सफर वो तय कर गए उसकी यादें हमारे साथ हमेशा जुड़ी रहेंगी।
प्रसिद्ध रंगकर्मी और अनुबंध वृद्धजन कुटीर की संचालिका समाजसेविका अनुराधा अडवानी ने बशीर भद्र के जोधपुर में हुए उनके एकल काव्य पाठ की कुछ दुर्लभ तस्वीरें राइजिंग भास्कर के साथ शेयर की है, जिन्हें हम पाठकों के लिए प्रकाशित कर रहे हैं। अनुराधा अडवानी ने बताया कि बशीर भद्र जोधपुर में एकल काव्य पाठ के लिए आए थे, तब अनुराधा आर्ट्स के बैनर तले कार्यक्रम हुआ था। उन्होंने उन खूबसूरत पलों का स्मरण करते हुए बताया कि वो खुशनुमा पल थे, जोधपुर के सुधि श्रोताओं के बीच बशीर भद्र ने अपने कलाम पढ़े थे। आज भी उनकी यादें लोगों के जेहन में हैं। अनुराधा अडवानी ने बशीर भद्र को अपनी भावभरी श्रद्धांजलि अर्पित की है।







