सैनाचार्य अचलानन्द गिरि महाराज के सान्निध्य में कर रहीं पदयात्रा, 21 जगह रास्ते में सैनाचार्य व महारानी का हुआ भाव भरा स्वागत
सुनील वर्मा. जोधपुर
महारानी हेमलता राज्ये ने भोगीशैल परिक्रमा पदयात्रा के तीसरे दिन गुरुवार को प्रातः 4:00 बजे बड़ली भैरूजी मंदिर से सैनाचार्य अचलानंद गिरि महाराज के सान्निध्य में परिक्रमा पदयात्रा शुरू करके बैजनाथ तीर्थ स्थल तक परिक्रमा की ।
महारानी हेमलता राज्ये सैनाचार्य अचलानंद गिरि महाराज और अन्य श्रद्धालु महिलाओं व पुरुषों के साथ बिना किसी थकान के लगातार सुबह परिक्रमा शुरू करती है और परिक्रमा के अंतिम पड़ाव तक पदयात्रा कर रही हैं । अपने साथ पैदल चलने वाली महिलाओं का भी उनके द्वारा उत्साह वर्धन किया जाता है । वर्ष 2012 में भी उन्होंने भोगीशैल परिक्रमा की थी व रामदेवरा तक भी पदयात्रा कर चुकी हैं । धार्मिक आस्था इनमें कूट-कूट कर भरी हुई हैं ।
गुरुवार को पद यात्रा के दौरान महारानी हेमलता राज्ये व सैनाचार्य अचलानन्द गिरि महाराज की जिस जगह से भी परिक्रमा पदयात्रा गुजरती उन्हें ढोल थाली बजाकर, मालाएं, पुष्प वर्षा कर उनका भाव भीना स्वागत किया जाता है ।शरबत, नींबू पानी, नाश्ता, फ्रूट क्रीम, ठंडे पानी की बोतलों, मतीरा व मिल्क शैक की मनवार की जाती है ।
उन लोगों का उत्साह व जोश देखतेही बनता है । यह दृश्य प्रातः 4:00 बजे के बाद से ही देखने को मिलता है । लोग जगह-जगह स्वागत के लिए तैयार खड़े रहते हैं । जैसे उनके यहां कोई विशेष अतिथि आ रहे हों । सभी समाजों के लोग इसमें शामिल हो रहे हैं ।
भोगीशैल परिक्रमा के दौरान पदयात्रा शुरू होते समय हिंदू सेवा मंडल का ध्वज लिए कार्यकर्ता वर्दी में तैयार रहते हैं । उसके बाद में परिक्रमा शुरू होती है । मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी किशनवीर सिंह राठौड़, महाप्रबंधक करण सिंह भाटी, परिक्रमा आयोजन समिति के सचिव विष्णु प्रजापति, रघुवीर सिंह खारिया, कैलाश जाजू, राकेश गौड़, जितेंद्र प्रजापत तुलसीदास वैष्णव, लक्ष्मीचंद किसनानी परिक्रमा की व्यवस्था संभाले रहते हैं ।
शुक्रवार को परिक्रमा का मार्ग यह रहेगा :
शुक्रवार प्रातः 4:00 बजे बैजनाथ मंदिर से भौगीशैल परिक्रमा प्रारंभ होगी ।उसके बाद बेरी गंगा, मंडलनाथ, कुंडली माता, जोगी तीर्थ , दईजर माता मंदिर तक परिक्रमा होगी ।





