कापरड़ा में सर्व समाज विशाल रक्तदान शिविर सम्पन्न, 178 यूनिट रक्त संग्रहित
पारस शर्मा. जोधपुर
एक समाज एक विचार एक रक्त एक जीवन के संदेश के साथ ही स्तुति हाॅस्पिटल कापरड़ा में पंचायत समिति स्तरीय सर्व समाज के विशाल रक्तदान शिविर में 178 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर मानव जीवन बचाने का संकल्प लिया। रक्तदान महादान की भावना से प्रेरित इस शिविर में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मौके पर असलम मेहर का आरएएस में चयन होने पर स्वागत किया, शिविर में मथुरादास माथुर अस्पताल, उम्मेद अस्पताल ओर जोधपुर ब्लड सेंटर की टीमों ने 178 यूनिट रक्त संग्रह किया।
रक्तदान शिविर में बिलाड़ा विधायक अर्जुनलाल गर्ग, पूर्व राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल, पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र चौधरी, उप जिला प्रमुख विक्रम सिंह विश्नोई, पूर्व विधायक हीराराम मेघवाल, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी मोहनलाल कटारिया, थानाधिकारी सुनीता डूडी, रीजनल इंडिया हैंड सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया अंकित सिंकन्द, आरके यादव, मयंक गहलोत, फौजी रज्जाक, समाज सेवी कालूराम सोनेल, नरपत पनु के आतिथ्य में समारोह हुआ।
विधायक गर्ग ने कहा कि रक्तदान करें, जीवन बचाएं” और “एक बूंद रक्त किसी को नई जिंदगी दे सकता है। युवाओं और महिलाओं ने विशेष रुचि दिखाते हुए रक्तदान किया। संगीता बेनीवाल ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। आपका दिया हुआ एक यूनिट रक्त थैलेसीमिया से पीड़ित किसी मासूम बच्चे की मुस्कान लौटा सकता है। आज यहां युवा जिस जोश से रक्तदान कर रहे हैं, वो समाज के लिए प्रेरणा है। बच्चों को स्वस्थ समाज देने के लिए हमें पहले खुद स्वस्थ रहना होगा और जरूरतमंद की मदद करनी होगी।
पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं होता। इसे सिर्फ इंसान ही दे सकता है। एक यूनिट रक्त से 3 जिंदगियां बचती हैं। आज कापरडा के युवाओं ने जो जज्बा दिखाया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। चिकित्सा मंत्री रहते हुए मैंने देखा है कि समय पर रक्त न मिलने से कितनी कीमती जानें चली जाती हैं। सभी रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
सर्व समाज की इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हुई। मंच संचालन ओमप्रकाश बौद्ध ने किया। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों का साफा माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान डॉ. पारस जैन, डॉ रफीक खान, नथमल खीची, हाजी गफ्फार खान, अलानुर खान, श्यामलाल खीची, नत्थूराम देवासी, लियाकत छीपा, प्रताप सिंह पंवार, सिकन्दर बागड़ी, रवि डारा, भानु प्रकाश टेलर, भागीरथ भेणादा, रामनिवास मिर्धा, महिपाल विश्नोई, रितु राणी जैन, लीला गांधी, कल्पना खीची, सोमुखां, मेहरू खां, छोटू खान, गणपतराम शंखवाया, ताजुद्दीन मेहर, राजूराम सोऊ, सलीम खान उपस्थित थे।




