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विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं के लिए वरदान बनी ‘विडो बी.एड. योजना’, शिक्षा के जरिए आत्मनिर्भरता की नई राह

राजस्थान सरकार की पहल से महिलाओं को मिल रही बी.एड. की फीस प्रतिपूर्ति, शिक्षक बनने का सपना हो रहा साकार

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

 राजस्थान सरकार द्वारा महिलाओं के सामाजिक और शैक्षिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित “विडो बी.एड. योजना” (Widow B.Ed Scheme) विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार ऐसी महिलाओं को बी.एड. (बैचलर ऑफ एजुकेशन) पाठ्यक्रम की फीस का पुनर्भरण कर रही है, ताकि वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानजनक रोजगार हासिल कर सकें।

राजस्थान सरकार की यह योजना वर्ष 2015-16 से संचालित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को शिक्षक प्रशिक्षण से जोड़ना है, जो पति की मृत्यु, तलाक या परित्याग जैसी परिस्थितियों के कारण आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं। योजना के जरिए उन्हें बी.एड. शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देकर रोजगार के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

योजना के तहत क्या मिलता है लाभ?

विडो बी.एड. योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को बी.एड. पाठ्यक्रम की फीस प्रतिपूर्ति के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना के तहत अधिकतम 17,880 रुपये तक की फीस का पुनर्भरण किया जाता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करने में बड़ी राहत मिलती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

योजना का लाभ केवल राजस्थान की मूल निवासी महिलाओं को दिया जाता है। इसके लिए महिला का विधवा या परित्यक्ता होना आवश्यक है। साथ ही वह राजस्थान के किसी सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त निजी बी.एड. संस्थान में नियमित छात्रा के रूप में अध्ययनरत होनी चाहिए।

योजना की प्रमुख पात्रताएं इस प्रकार हैं—

  • आवेदक महिला राजस्थान की निवासी हो।
  • महिला विधवा या परित्यक्ता हो।
  • बी.एड. प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में नियमित अध्ययनरत हो।
  • अध्ययन संस्थान राजस्थान में स्थित एवं मान्यता प्राप्त हो।
  • महिला पहले से बी.एड. डिग्री प्राप्त न कर चुकी हो।
  • संस्थान में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति हो।
  • किसी अन्य समान सरकारी छात्रवृत्ति या सहायता योजना का लाभ नहीं ले रही हो।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए महिलाओं को कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। इनमें आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, जन आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, बी.एड. संस्थान की फीस रसीद, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र या तलाक संबंधी दस्तावेज आदि शामिल हैं।

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

राज्य सरकार ने योजना के आवेदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाया है। पात्र महिलाएं राजस्थान सरकार के पोर्टल पर एसएसओ आईडी के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। आवेदन पत्र भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

महिलाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार बी.एड. डिग्री शिक्षण क्षेत्र में रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को इस पाठ्यक्रम की फीस में सहायता देकर सरकार उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है। इससे महिलाएं शिक्षक बनकर न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकती हैं बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहतर कर सकती हैं।

समाज में बढ़ रही सकारात्मक सोच

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत संगठनों का मानना है कि ऐसी योजनाएं महिलाओं को सामाजिक चुनौतियों से उबरने में मदद करती हैं। शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज में सम्मानजनक पहचान बना पाती हैं।

योजना की मुख्य बातें

  • योजना : विडो बी.एड. योजना (Widow B.Ed Scheme)
  • लाभार्थी : विधवा एवं परित्यक्ता महिलाएं
  • राज्य : राजस्थान
  • सहायता राशि : अधिकतम 17,880 रुपये फीस प्रतिपूर्ति
  • उद्देश्य : बी.एड. शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण
  • आवेदन प्रक्रिया : ऑनलाइन
  • विभाग : उच्च शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार

उद्देश्य : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना

“शिक्षा के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना ही इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है।”

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor