फ्रांस के कान्स में बिताए गए अपने अनुभव साझा करते हुए डॉ. सोनल परिहार ने कहा कि यह सफर केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिलाओं, डॉक्टरों और छोटे शहरों से आने वाली प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है।
भगवान पंवार. जोधपुर
प्रसिद्ध स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनल परिहार कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में रेड कार्पेट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद जोधपुर लौट आई हैं। रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने फ्रांस के कान्स में बिताए गए अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह सफर केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिलाओं, डॉक्टरों और छोटे शहरों से आने वाली प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है।
डॉ. सोनल परिहार ने कहा कि वर्षों तक ऑपरेशन थिएटर में मरीजों की सेवा करने के बाद दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म और फैशन मंचों में से एक कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट तक पहुंचना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स और रील्स में भी उन्होंने इस यात्रा को “ऑपरेशन थिएटर से फैशन रनवे तक” का सफर बताया है।
उन्होंने बताया कि कान्स में दुनिया भर के कलाकारों, फिल्म निर्माताओं, फैशन डिजाइनर्स और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों से संवाद करने का अवसर मिला। उनके अनुसार यह मंच केवल ग्लैमर का प्रतीक नहीं, बल्कि संस्कृति, कला और वैश्विक संवाद का भी केंद्र है।
उन्होंने कहा कि भारत की परंपराओं और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना उनके लिए गर्व का विषय रहा। डॉ. परिहार ने कहा कि कान्स में उन्होंने भारतीय परिधानों और पारंपरिक सौंदर्य को विशेष महत्व दिया। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में भी उन्होंने भारतीयता को वैश्विक मंच पर सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने की बात कही है। कान्स यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न डिजाइनर परिधानों के साथ भारतीय सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि जीवन को केवल एक ही पहचान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। डॉक्टर होने के साथ-साथ समाज, संस्कृति और रचनात्मक क्षेत्रों में भी योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि विवाह, परिवार या पेशेवर जिम्मेदारियों के बाद भी सपनों को जिया जा सकता है और नए अवसरों को अपनाया जा सकता है।
डॉ. परिहार ने कहा कि जोधपुर और राजस्थान की मिट्टी से जुड़े होने पर उन्हें गर्व है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने शहर व प्रदेश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए बेहद भावुक क्षण था। उन्होंने कहा कि यदि समर्पण, मेहनत और आत्मविश्वास हो तो छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक मंचों तक पहुंचा जा सकता है।
उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय परिवार, सहयोगियों, शुभचिंतकों और उन लोगों को दिया जिन्होंने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. परिहार ने कहा कि कान्स की यह यात्रा उनके लिए एक नई शुरुआत है और वह भविष्य में भी चिकित्सा सेवा के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रहेंगी।




