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Thursday, July 9, 2026, 2:41 am

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तेल कम, सेहत ज्यादा: प्रधानमंत्री मोदी की सलाह का हवाला देते हुए डॉ. बिमल छाजेड़ ने बताया क्यों घटानी चाहिए खाने के तेल की खपत

वीडियो संदेश में बोले डॉ. बिमल छाजेड़, “तेल का कम उपयोग देश की अर्थव्यवस्था और लोगों की सेहत दोनों के लिए फायदेमंद”
डॉ. बिमल छाजेड़ का परिचय : डॉ. छाजेड़ एमबीबीएस, एमडी चिकित्सक और नॉन-इनवेसिव (बिना सर्जरी) हृदय उपचार के क्षेत्र में जाने-माने विशेषज्ञ हैं। वे SAAOL (Science and Art of Living) के संस्थापक हैं। पूर्व में वे All India Institute of Medical Sciences में सीनियर रेजिडेंट और असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुके हैं तथा जीवनशैली, आहार और हृदय स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाते हैं।

दिलीप कुमार पुरोहित. नई दिल्ली

9783414079 diliprakhai@gmail.com

देश में बढ़ती हृदय रोग की समस्या, मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच जाने-माने चिकित्सक एवं हृदय रोग जागरूकता अभियान से जुड़े डॉ. बिमल छाजेड़ ने अपने एक वीडियो संदेश में लोगों से खाने में तेल का उपयोग कम से कम करने की अपील की है। वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में लोगों को दिए गए उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें खाने के तेल की खपत कम करने पर बल दिया गया था।

 

डॉ. छाजेड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी नागरिकों को भोजन में तेल का सीमित उपयोग करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि यदि लोग तेल की खपत कम करें तो इससे न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बेहतर होगा बल्कि देश को आर्थिक रूप से भी लाभ पहुंचेगा।

भारत में तेजी से बढ़ रही है खाद्य तेल की खपत

वीडियो में डॉ. छाजेड़ बताते हैं कि भारत में खाद्य तेल की खपत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश को अपनी आवश्यकता पूरी करने के लिए बड़ी मात्रा में खाद्य तेल आयात करना पड़ता है। उनके अनुसार भारत में उपयोग होने वाले खाद्य तेल का बड़ा हिस्सा विदेशों से आता है, जिस पर हर वर्ष भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है।

उन्होंने कहा कि यदि देश के लोग तेल की खपत कम कर दें तो आयात पर निर्भरता घट सकती है और विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है। उनका तर्क है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

सेहत पर तेल के अधिक सेवन का प्रभाव

डॉ. छाजेड़ ने अपने वीडियो में कहा कि अत्यधिक तेलयुक्त भोजन मोटापा, बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकता है। उन्होंने लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि तेल कैलोरी से भरपूर होता है और इसका अधिक सेवन शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि एक ग्राम तेल में लगभग नौ कैलोरी होती हैं। ऐसे में यदि व्यक्ति दिनभर में कई चम्मच तेल का सेवन करता है तो उसके शरीर में कैलोरी की मात्रा तेजी से बढ़ सकती है। यदि इन अतिरिक्त कैलोरी को शारीरिक गतिविधि के माध्यम से खर्च नहीं किया जाए तो वजन बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होने की आशंका रहती है।

“स्वाद मसालों में है, तेल में नहीं”

वीडियो में डॉ. छाजेड़ का एक महत्वपूर्ण तर्क यह भी रहा कि भोजन का वास्तविक स्वाद मसालों और सामग्री में होता है, केवल तेल में नहीं। उन्होंने कहा कि यदि खाना बनाने की पद्धति में थोड़ा बदलाव किया जाए तो कम तेल या बिना तेल के भी स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि मसालों को तेल में भूनने के बजाय पानी की सहायता से पकाने का प्रयोग किया जा सकता है। उनके अनुसार इस तरीके से भोजन का स्वाद काफी हद तक बरकरार रखा जा सकता है और तेल की मात्रा भी कम की जा सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी की सलाह का किया उल्लेख

डॉ. छाजेड़ ने अपने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का उल्लेख किया जिसमें लोगों से खाने के तेल की खपत कम करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक इस सलाह को अपनाते हैं तो इसका लाभ व्यक्तिगत स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक दिखाई दे सकता है।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी रसोई में तेल के उपयोग की समीक्षा करें और धीरे-धीरे इसकी मात्रा घटाने का प्रयास करें। उनका कहना था कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव भी लंबे समय में बड़ा असर पैदा कर सकते हैं।

जानिए: डॉ. बिमल छाजेड़ के वीडियो से प्रमुख बातें

■ खाने में तेल का उपयोग कम करने की सलाह।
■ अधिक तेल के सेवन को मोटापा और हृदय रोगों से जोड़कर बताया।
■ देश में खाद्य तेल आयात पर होने वाले बड़े खर्च का उल्लेख।
■ कम तेल या बिना तेल के भोजन बनाने की पद्धति अपनाने पर जोर।
■ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह का हवाला देते हुए जागरूकता बढ़ाने की अपील।

जीवनशैली में बदलाव की जरूरत

डॉ. छाजेड़ का मानना है कि केवल तेल कम करना ही पर्याप्त नहीं है। उन्होंने लोगों को अधिक फल, सब्जियां और संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी। साथ ही नियमित व्यायाम, पैदल चलने और सक्रिय जीवनशैली को भी स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया।

उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियां कम होती जा रही हैं, जबकि उच्च कैलोरी वाला भोजन बढ़ रहा है। ऐसे में संतुलित आहार और नियमित व्यायाम का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

सावधानी: तेल कम करने के आसान उपाय

■ सब्जियों में अतिरिक्त तेल डालने से बचें।
■ तली हुई चीजों की जगह उबला या भाप में पका भोजन चुनें।
■ नॉन-स्टिक बर्तनों का उपयोग करें।
■ मसालों को कम तेल या पानी में पकाने का प्रयास करें।
■ पैक्ड और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें।
■ घर में तेल की मासिक खपत का रिकॉर्ड रखें।

डॉ. बिमल छाजेड़ देते हैं संतुलन की सलाह

डॉ. बिमल छाजेड़ समय-समय पर यह सलाह देते रहे हैं कि भोजन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। अत्यधिक तेल, नमक और चीनी का सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा माना जाता है। इसलिए भोजन में संतुलित मात्रा और स्वस्थ जीवनशैली को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है।

डॉ. छाजेड़ का वीडियो भी इसी दिशा में लोगों को जागरूक करने का प्रयास माना जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भोजन संबंधी आदतों में सकारात्मक बदलाव लाएं।

पीएम मोदी की सलाह मानिए, सेहत से मजबूत बनेगा भारत : डॉ. बिमल छाजेड़

डॉ. बिमल छाजेड़ ने अपने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह का उल्लेख करते हुए खाने में तेल का उपयोग कम करने का संदेश दिया है। उनका मानना है कि यह कदम एक ओर जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में ले जा सकता है, वहीं दूसरी ओर देश की खाद्य तेल आयात पर निर्भरता कम करने में भी योगदान दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हृदय रोग, मोटापा तथा अन्य जीवनशैली संबंधी बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor