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सम्बल ग्राम योजना: अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों के समग्र विकास की मजबूत पहल

आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ शिक्षा, कौशल और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर

दिलीप कुमार पुरोहित. जयपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को गति देने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सम्बल ग्राम योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना विशेष रूप से उन गांवों के विकास पर केंद्रित है जहां अनुसूचित जाति (एससी) की आबादी अधिक है और जहां आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता महसूस की जाती है।

योजना के तहत ऐसे गांवों को प्राथमिकता दी जाती है जिनमें अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। चयनित गांवों में सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जाता है, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।

सम्बल ग्राम योजना का मुख्य उद्देश्य केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और मानव संसाधन विकास को भी बढ़ावा देना है। इसी सोच के तहत गांवों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने के लिए विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। वहीं युवाओं और वयस्कों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जाता है।

राज्य सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत प्रत्येक चयनित गांव के विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। विभिन्न दिशा-निर्देशों के अनुसार यह राशि प्रति गांव 5 लाख रुपये तक निर्धारित रही है, जबकि कुछ संशोधित प्रावधानों में इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक किए जाने का उल्लेख भी मिलता है। इस राशि का उपयोग स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों में किया जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण विकास की योजनाएं तभी सफल हो सकती हैं जब उनमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित हो। सम्बल ग्राम योजना इसी सिद्धांत पर आधारित है, जिसके माध्यम से गांवों में आवश्यक सुविधाओं का विकास कर सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

योजना का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलती है। बेहतर सड़कें, स्वच्छ पेयजल, विद्युत सुविधाएं और शिक्षा के अवसर ग्रामीण जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं। साथ ही कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खोलते हैं।

राजस्थान सरकार की यह पहल सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण विकास के लक्ष्य को भी आगे बढ़ा रही है। यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तो यह अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों के लिए सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का मजबूत माध्यम बन सकती है।

क्या है सम्बल ग्राम योजना?

  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ग्रामीण विकास योजना।
  • अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों के विकास पर केंद्रित।
  • आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता।
  • शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान।

चयन के प्रमुख मानदंड

गांव में अनुसूचित जाति (SC) की आबादी 40% या अधिक हो।
विकास कार्यों की आवश्यकता हो।
स्थानीय स्तर पर आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की जरूरत हो।

योजना के तहत प्रमुख लाभ

  • सड़क निर्माण एवं सुधार
  • पेयजल व्यवस्था का विकास
  • विद्युतीकरण एवं सार्वजनिक सुविधाएं
  • स्वच्छता संबंधी कार्य
  • विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से जोड़ने के प्रयास
  • युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम

तथ्य एक नजर में

बिंदु विवरण
योजना का नाम सम्बल ग्राम योजना
संचालक विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान
लक्षित क्षेत्र अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव
प्राथमिक पात्रता SC आबादी 40% से अधिक
वित्तीय सहायता 5 लाख से 10 लाख रुपये तक (प्रावधान अनुसार)
प्रमुख उद्देश्य आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं सामाजिक सशक्तिकरण

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor