
मारवाड़ गौरव एवं गौ सेवा सम्मान समारोह में 40 से अधिक विभूतियों का सम्मान
दिलीप कुमार पुरोहित. सुनील वर्मा. जोधपुर
सामाजिक सरोकारों को समर्पित मारवाड़ गौरव एवं गौ सेवा सम्मान समारोह का आयोजन शनिवार को जोधपुर के चौपासनी स्थित लहरिया रिसोर्ट में किया गया। राजस्थान के अग्रणी मीडिया समूह फर्स्ट इंडिया न्यूज़ द्वारा आयोजित कार्यक्रम गौ सेवा, मानव सेवा, जनजागरण एवं समाजोत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 40 से अधिक विभूतियों को सम्मानित किया गया। फर्स्ट इंडिया न्यूज़ का यह सामाजिक सरोकारों को समर्पित तीसरा विशेष सोपान रहा।
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, राजस्थान सरकार के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, राज्य मंत्री ओटाराम देवासी तथा राज्य मंत्री के.के. विश्नोई उपस्थित रहे,सेनाचार्य अचलानंद गिरि महाराज, बड़ा रामद्वारा के संत मदन दास महाराज, रामधाम खेड़ापा के उत्तराधिकारी एवं राजस्थान गऊ सेवा समिति के अध्यक्ष गोविंद राम शास्त्री, बीएसएफ डीआईजी राजपाल सिंह, जिला कलेक्टर आलोक रंजन, पूर्व हाई कोर्ट न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास, एसीपी छवि शर्मा तथा जोधपुर डेयरी के प्रबंध निदेशक अशोक सिंह भाटी सहित अनेक गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल हुए। सीईओ और प्रबंध संपादक पवन अरोड़ा के अलावा आयोजन में शामिल जिनेंद्र सिंह, शेखावत, विशाल माथुर, कमल पुरोहित और राजीव गौड़ ने अतिथियों का स्वागत किया.
प्रारम्भ मे फर्स्ट इंडिया न्यूज़ के सीईओ एवं मैनेजिंग एडिटर पवन अरोड़ा ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह कार्यक्रम केवल सम्मान समारोह नहीं बल्कि वैदिक संस्कृति और सनातन चेतना का उत्सव है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का स्थान प्राप्त है और देश की अर्थव्यवस्था लंबे समय तक कृषि एवं पशुपालन आधारित रही है। उन्होंने गौ आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताते हुए आगामी मानसून में फलदार पौधों के व्यापक रोपण का आह्वान किया, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ समाज के जरूरतमंद वर्गों को भी उसका लाभ मिल सके।
मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस अवसर पर कहा कि यदि संभाग मुख्यालयों पर आईवीएफ सेंटर स्थापित कर करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से चार हजार गायों पर उन्नत नस्ल संवर्धन का प्रयोग किया जाए तो अगले पांच वर्षों में देशी गायों की तस्वीर और तकदीर बदली जा सकती है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण को केवल करुणा और संवेदना से नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी मजबूत बनाना होगा। उन्नत तकनीक और एम्ब्रियो ट्रांसफर के माध्यम से प्रतिवर्ष लाखों उन्नत नस्ल की गायें तैयार की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज का अवसर केवल सम्मान का नहीं बल्कि गौ संरक्षण के संकल्प का है। साथ ही उन्होंने समाज में संस्कारों के क्षरण पर चिंता जताते हुए परिवार, संत, गुरु और मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
पशुपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि आर्थिक समृद्धि का आधार भी है। गाय के दूध, गोबर और गौमूत्र से सैकड़ों उपयोगी उत्पाद तैयार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गौ संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश की 4500 से अधिक गौशालाओं को प्रतिवर्ष लगभग 1280 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गौ-काष्ठ मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा गौ उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय मेले आयोजित करने की योजना है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि गौ माता धरती पर सबसे अधिक पूजनीय है और उसका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को गौ संरक्षण से जोड़ते हुए बताया कि जयपुर में ऐसे 11 मोक्षधाम विकसित किए जा रहे हैं, जहां लकड़ियों के स्थान पर गौ-काष्ठ से अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए गए हैं तथा इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के माध्यम से प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य भी किया जा रहा है।
उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई ने कहा कि वर्तमान समय में कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में गौपालन और ऑर्गेनिक खेती स्वस्थ जीवन का आधार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी गौपालन एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दे रहे हैं। यदि लोग उपचार पर खर्च करने की बजाय जैविक जीवनशैली अपनाएं तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।
पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि गाय का वास्तविक घर गौशाला नहीं बल्कि किसान का घर है। यदि किसान पुनः गौपालन को अपनाए तो गौ संरक्षण स्वतः सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि पंचगव्य के औषधीय गुणों को चिकित्सा विज्ञान भी स्वीकार कर रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार द्वारा गौपालन विभाग की स्थापना और गौ संरक्षण के लिए विशेष बजट प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि फर्स्ट इंडिया न्यूज़ की यह पहल समाज को नई दिशा देने वाली है।
जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली ने कहा कि गौ सेवा एवं संवर्धन को जनआंदोलन बनाने के लिए गौ बॉन्ड जैसी अभिनव योजनाओं पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सहकारी आंदोलन के माध्यम से गौ आधारित आर्थिक मॉडल विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि शहरों में रहने वाले लोग भी शुद्ध दूध, घी और ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग कर रहे हैं, जिससे गौ आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है।
राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में गौ संरक्षण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गायों के साथ-साथ बैलों और सांडों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि पशुधन की उपयोगिता बनाए रखी जाएगी तो उनका संरक्षण भी स्वतः सुनिश्चित होगा। कार्यक्रम का संचालन श्वेता मिश्रा अवस्थी ने किया जबकि रेजिडेंट एडिटर राजीव गौड़ ने धन्यवाद ज्ञापित किया.
सम्मानित होने वालों में विजय मेहता, सुरेश बिश्नोई, प्रेम कुमार जोशी, बद्री किशन हर्ष, ललित पुरोहित, नरसिंह गहलोत, प्रकाश व्यास, पंडित पंकज श्रीमाली, डॉ. बी.एस. जोधा, डॉ. रंजना देसाई, डॉ. फतेह सिंह भाटी, डॉ. विकास राजपुरोहित, डॉ. अफजल हकीम, उत्साह चौधरी, राहुल जैन, डॉ. संजय कृष्ण व्यास, हस्तीमल सारस्वत, राजेंद्र पालीवाल, मनीष शर्मा, सूर्य प्रकाश पारीक, पंडित शास्त्री मोहित दाधीच, मुकेश मेहता, डॉ. अरुण सिंघवी, सागर जोशी, होड़ल सिंह, प्रेम जालानी, राजेंद्र सिंह राखी, सोमेश भंवरिया, श्याम छुगानी, कुम्भ सिंह पातावत, डॉ. आशीष सूद, अशोक गहलोत, हीरा जांगिड़, विमला गट्टानी, डॉ. स्वाति शर्मा, तरनिजा मोहन राठौड़, मोनिका प्रजापत, जगदीश जाट, विष्णु प्रजापत, डॉ. प्रदीप शर्मा, मुकेश भारतीय, अशोक भाटी, डॉ. गुलाम अली कामदार, सोहन गुर्जर, थान सिंह, नरपत पन्नू, श्रवण सिंह जोधा, गणपत सागर तथा सिद्धार्थ सिंह शामिल रहे।






