सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। यही कारण है कि अब यह योजना शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
दिलीप कुमार पुरोहित. जयपुर
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राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना प्रदेश में गरीब, जरूरतमंद और श्रमिक वर्ग के लोगों के लिए राहत का बड़ा सहारा बन रही है। इस योजना के तहत मात्र 8 रुपये में पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। यही कारण है कि अब यह योजना शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
मात्र 8 रुपये में भरपेट भोजन
श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना के अंतर्गत आमजन को सिर्फ 8 रुपये में एक संपूर्ण भोजन थाली दी जाती है। जबकि एक थाली पर लगभग 22 रुपये का अतिरिक्त खर्च राज्य सरकार वहन करती है। इस प्रकार सरकार गरीब और जरूरतमंद लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है।
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अन्नपूर्णा थाली में शामिल
• 300 ग्राम चपाती
• 100 ग्राम दाल
• 100 ग्राम सब्जी
• 100 ग्राम चावल/श्रीअन्न खिचड़ी
• अचार
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सरकार के अनुसार प्रत्येक थाली लगभग 600 ग्राम भोजन की होती है, जिससे व्यक्ति को पर्याप्त पोषण मिल सके।
मजदूर, छात्र और यात्रियों को मिल रही राहत
यह योजना मुख्य रूप से दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, छात्रों, बेघर लोगों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी। हालांकि अब इसका लाभ पर्यटक और आम नागरिक भी ले सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में इतनी कम कीमत में पौष्टिक भोजन उपलब्ध होना गरीब परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत है। कई श्रमिक वर्ग के लोग अब रोजाना इसी योजना का लाभ लेकर अपने भोजन का खर्च कम कर पा रहे हैं।
मोबाइल वैन और रसोई केंद्रों से वितरण
प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में अन्नपूर्णा रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर मोबाइल वैन के माध्यम से भी भोजन वितरण किया जा रहा है ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों तक लोगों को सुविधा मिल सके।
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भोजन का समय
• दोपहर : सुबह 8:30 बजे से 3:00 बजे तक
• रात्रि : शाम 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
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सम्मान के साथ भोजन उपलब्ध कराने की पहल
राजस्थान सरकार का कहना है कि यह योजना केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक भोजन देना इसका सबसे बड़ा उद्देश्य है। यही वजह है कि रसोई केंद्रों पर साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जनकल्याण की मिसाल बन रही योजना
प्रदेश में लगातार बढ़ती लोकप्रियता के कारण अब यह योजना जनकल्याण की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल हो चुकी है। आमजन का कहना है कि सरकार की यह पहल जरूरतमंद लोगों के लिए सच्चे अर्थों में “अन्नपूर्णा” साबित हो रही है।




