Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 3:24 am

Thursday, July 9, 2026, 3:24 am

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

विकास सेवा संस्थान : जहां सेवा का स्पर्श बनता है उपचार

सेवा ही धर्म : कैसे एक सेंटर में फिजियोथैरेपी, फ्री डायलिसिस और डेंटिस्ट के साथ अनेक सेवाएं लागत मूल्य पर मिल रहीं…। विकास सेवा संस्थान के अध्यक्ष ब्रिगेडियर एन.एम. सिंघवी से राइजिंग भास्कर की विशेष बातचीत

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

प्रतापनगर टेम्पो स्टैंड के सामने स्थित विकास सेवा संस्थान में प्रवेश करते ही ऐसा महसूस होता है मानो यह कोई सामान्य चिकित्सा केंद्र नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का जीवंत मंदिर हो। सुबह का समय था। एक ओर दंत चिकित्सा कक्ष में एक बुजुर्ग महिला अपने दांतों की सफाई करवाते हुए डॉक्टर से मुस्कुराकर बात कर रही थीं। दूसरी ओर फिजियोथैरेपी कक्ष में घुटनों के दर्द से परेशान एक वृद्ध व्यक्ति आधुनिक मशीनों की सहायता से उपचार ले रहा था। वातानुकूलित हॉल में प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट मरीजों को नई ऊर्जा देने में जुटे थे।

इसी बीच डायलिसिस यूनिट में कुछ मरीज पूरी निश्चिंतता के साथ उपचार ले रहे थे। यहां सबसे खास बात यह है कि डायलिसिस जैसी महंगी सेवा भी पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। कहीं रक्तचाप की जांच हो रही थी तो कहीं ईसीजी। हर चेहरे पर राहत और हर कर्मचारी के व्यवहार में सेवा का भाव दिखाई दे रहा था।

इसी सेवा-यात्रा, संस्थान के विकास और भविष्य की योजनाओं को जानने के लिए राइजिंग भास्कर ने विकास सेवा संस्थान के अध्यक्ष ब्रिगेडियर एन.एम. सिंघवी से विशेष बातचीत की।

प्रश्न : विकास सेवा संस्थान की शुरुआत कैसे हुई?

ब्रिगेडियर एन.एम. सिंघवी : भारत विकास परिषद, जोधपुर मारवाड़ शाखा की स्थापना 4 अक्टूबर 2003 को हुई थी। समाज सेवा और जनकल्याण के उद्देश्य से हमने विकास सेवा संस्थान का गठन किया। 12 जून 2005 को अमर सार्वजनिक चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध कराए गए भवन में फिजियोथैरेपी सेंटर की शुरुआत की गई। यह भवन समाजसेवी जोहरीमल जैन द्वारा बनवाया गया था और हमें मात्र एक रुपये मासिक किराये पर उपलब्ध कराया गया। उसी दिन से प्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. वी.के. बाड़मेरा ने अपनी सेवाएं शुरू कीं और आज तक यह सेवा यात्रा निरंतर जारी हैं।

प्रश्न : सेवा कार्यों के पीछे आपकी मूल प्रेरणा क्या रही?

ब्रिगेडियर एनएम सिंघवी : मेरे लिए सेवा केवल सामाजिक कार्य नहीं बल्कि जीवन का उद्देश्य है। हम मानते हैं कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचनी चाहिए। वर्ष 2005 से हम निरंतर सेवा के इसी भाव से कार्य कर रहे हैं। जब किसी मरीज के चेहरे पर राहत दिखाई देती है तो वही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।

प्रश्न : पिछले दो दशकों में संस्थान ने किस प्रकार विकास किया?

ब्रिगेडियर सिंघवी : हमने चरणबद्ध तरीके से सुविधाओं का विस्तार किया। 2007 में लेजर मशीन स्थापित की गई। 2009 में डिजिटल एक्स-रे मशीन शुरू हुई। 2011 में दंत चिकित्सा विभाग की स्थापना की गई। बाद में दूसरी डेंटल चेयर जोड़ी गई और आधुनिक रूट कैनाल मशीनें भी स्थापित की गईं।

2015 में पूरे परिसर को वातानुकूलित बनाया गया। 2018 में मरीजों की सुविधा के लिए स्टेयर लिफ्ट लगाई गई। आज हमारे पास फिजियोथैरेपी के लगभग सभी आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं, जिनसे मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है।

प्रश्न : वर्तमान में संस्थान में कौन-कौन सी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं?

ब्रिगेडियर सिंघवी : आज हमारे यहां पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें आर्थोपेडिक सर्जन, फिजिशियन, दो डेंटिस्ट और एक फिजियोथेरेपिस्ट शामिल हैं। सामान्य जांच एवं परामर्श मात्र 40 रुपये में उपलब्ध है। शुगर जांच 30 रुपये, ईसीजी 50 रुपये, एक्स-रे 60 रुपये, नेबुलाइजर 20 रुपये तथा दंत एक्स-रे 60 रुपये में किया जाता है। हमारा प्रयास हमेशा यही रहता है कि न्यूनतम शुल्क में अधिकतम गुणवत्ता उपलब्ध कराई जाए।

प्रश्न : फिजियोथैरेपी विभाग की विशेषताएं क्या हैं?

ब्रिगेडियर एनएम सिंघवी : फिजियोथैरेपी हमारी सबसे महत्वपूर्ण सेवाओं में से एक है। पूरा विभाग वातानुकूलित है और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है। हमारे पास लेजर मशीन, शॉर्ट वेव डायथर्मी, TENS मशीन, IFT मशीन, सर्वाइकल एवं लम्बर ट्रेक्शन, CPM मशीन, पैरालिसिस बेड, शोल्डर मूवमेंट मशीन और क्वाड्रिसेप्स एक्सरसाइज उपकरण उपलब्ध हैं।

मरीजों की सुविधा के लिए लिफ्ट चेयर की व्यवस्था भी है। मात्र 500 रुपये मासिक शुल्क में नियमित फिजियोथैरेपी उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

प्रश्न : डेंटल विभाग की उपलब्धियां क्या हैं?

ब्रिगेडियर एनएम सिंघवी : आज हमारे डेंटल विभाग में दो आधुनिक चेयर हैं। डॉ. पलक मेहता एमडीएस और डॉ. जयदीप सिंह शेखावत एमडीएस सेवाएं दे रहे हैं। यहां दांतों की सफाई, रूट कैनाल, कैप, फिलिंग सहित अनेक सेवाएं अत्यंत रियायती दरों पर उपलब्ध हैं।

प्रश्न : निःशुल्क डायलिसिस सेवा की शुरुआत कैसे हुई?

ब्रिगेडियर एनएम सिंघवी : 2021 में हमने दो डायलिसिस मशीनों के साथ निःशुल्क डायलिसिस सेवा शुरू की। किडनी रोगियों के लिए डायलिसिस एक महंगा उपचार होता है। हमने निर्णय लिया कि जरूरतमंद मरीजों को यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क दी जाएगी। मरीज को केवल डॉक्टर की पर्ची लानी होती है। डायलिसिस, इंजेक्शन और अन्य आवश्यक सेवाएं भी बिना शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

प्रश्न : मासिक चिकित्सा शिविरों के बारे में बताइए।

ब्रिगेडियर एनएम सिंघवी : जोधपुर के प्रतापनगर स्थित विकास सेवा संस्थान द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता और जनसेवा के उद्देश्य से प्रत्येक माह की 17 तारीख को निःशुल्क बोन डेंसिटी (हड्डियों की घनत्व जांच) कैंप का आयोजन किया जाता है। यह कैंप विशेष रूप से उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है जो हड्डियों की कमजोरी, कैल्शियम की कमी, जोड़ों के दर्द, कमर दर्द या बढ़ती उम्र से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे हैं।

विकास सेवा संस्थान के अध्यक्ष ब्रिगेडियर एन.एम. सिंघवी ने बताया कि इस कैंप में हर माह औसतन 100 से अधिक लोग अपनी जांच करवाने पहुंचते हैं। कैंप में हड्डियों में कैल्शियम की स्थिति और बोन डेंसिटी की जांच पूरी तरह निःशुल्क की जाती है, जिससे आमजन को समय रहते अपनी स्वास्थ्य स्थिति का पता चल सके और आवश्यक उपचार या सावधानियां अपनाई जा सकें।

उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कैल्शियम की कमी और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और लंबे समय तक बैठकर कार्य करने वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। ऐसे में समय-समय पर बोन डेंसिटी की जांच करवाना अत्यंत आवश्यक है।

ब्रिगेडियर सिंघवी के अनुसार कैंप का मुख्य उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि लोगों को हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी है। जांच के दौरान विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक परामर्श दिया जाता है तथा कैल्शियम युक्त आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में भी जानकारी दी जाती है।

उन्होंने बताया कि विकास सेवा संस्थान भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। संस्थान का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें तथा लोगों को स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा सके।

प्रश्न : भविष्य की आपकी क्या योजनाएं हैं?

ब्रिगेडियर एनएम सिंघवी : हम संस्थान को पूर्ण विकसित चैरिटेबल अस्पताल के रूप में विकसित करना चाहते हैं। अमर चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा भवन की ऊपरी मंजिल हमें दान स्वरूप उपलब्ध कराई गई है। अब हमारा लक्ष्य ईएनटी विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन और अन्य चिकित्सकों की सेवाएं शुरू करना है।

हम चाहते हैं कि जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को एक ही स्थान पर गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और मानवीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।

प्रश्न : समाज को आपका संदेश?

ब्रिगेडियर एनएम सिंघवी : सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। यदि समाज के सक्षम लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार योगदान दें तो हजारों जरूरतमंद लोगों का जीवन बेहतर बनाया जा सकता है। विकास सेवा संस्थान इसी भावना के साथ आगे बढ़ रहा है और भविष्य में भी समाजसेवा के इस मिशन को और व्यापक बनाएगा।
Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor