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Thursday, July 9, 2026, 4:09 am

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अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब DigiLocker में सुरक्षित रहेंगे स्किल सर्टिफिकेट, नौकरी और उच्च शिक्षा का रास्ता होगा आसान

रक्षा सेवाओं के अनुभव को मिलेगा डिजिटल पहचान का नया आधार

दिलीप कुमार पुरोहित. नई दिल्ली

9783414079 diliprakhai@gmail.com

अग्निपथ योजना के तहत देश की सेवा कर रहे लाखों अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल सामने आई है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा अग्निवीरों के स्किल, ट्रेनिंग और अनुभव प्रमाणपत्रों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार अग्निवीरों के महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र सीधे DigiLocker प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनके दस्तावेजों का संरक्षण, सत्यापन और उपयोग पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।

क्या होते हैं अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट?

अग्निपथ योजना के अंतर्गत सेना, नौसेना और वायुसेना में चयनित युवाओं को चार वर्षों तक देश की सेवा का अवसर मिलता है। इस दौरान उन्हें केवल सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि तकनीकी, व्यावसायिक (Vocational) और परिचालन (Operational) कौशल भी सिखाए जाते हैं।

चार वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर जो अग्निवीर नियमित सैन्य सेवा में शामिल नहीं हो पाते, उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र प्रदान किए जाते हैं। इनमें प्रमुख रूप से स्किल सर्टिफिकेट, ट्रेनिंग सर्टिफिकेट और अनुभव प्रमाणपत्र शामिल हैं। ये प्रमाणपत्र इस बात का प्रमाण होते हैं कि संबंधित युवा ने सेना में रहते हुए उच्च स्तर की तकनीकी एवं व्यावहारिक दक्षता प्राप्त की है।

DigiLocker में उपलब्ध होंगे सभी प्रमाणपत्र

नई व्यवस्था के तहत इन प्रमाणपत्रों को DigiLocker और National Academic Depository (NAD) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे अग्निवीरों को अपने दस्तावेज संभालने की चिंता नहीं रहेगी।

अक्सर देखा जाता है कि महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र समय के साथ गुम हो जाते हैं या खराब हो जाते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो सकती है। युवा किसी भी समय और किसी भी स्थान से अपने प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकेंगे।

नौकरी पाने में मिलेगी बड़ी सुविधा

इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन अग्निवीरों को मिलेगा जो सेवा पूर्ण होने के बाद निजी या सरकारी क्षेत्र में रोजगार की तलाश करेंगे।

भर्ती करने वाली कंपनियों और सरकारी विभागों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। DigiLocker के माध्यम से प्रमाणपत्रों की ऑनलाइन जांच आसानी से की जा सकेगी। इससे भर्ती प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सेना में प्राप्त तकनीकी और नेतृत्व कौशल पहले से ही कॉर्पोरेट जगत में काफी सम्मानित माने जाते हैं। अब डिजिटल प्रमाणन व्यवस्था इन योग्यताओं को और अधिक मान्यता दिलाने में मदद करेगी।

उच्च शिक्षा के लिए भी खुलेगा नया रास्ता

इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू Academic Bank of Credits (ABC) और APAAR ID से जुड़ाव भी है।

यदि कोई अग्निवीर आगे चलकर कॉलेज, विश्वविद्यालय या किसी अन्य उच्च शिक्षा कार्यक्रम में प्रवेश लेना चाहता है, तो सेना के दौरान अर्जित शैक्षणिक क्रेडिट और प्रशिक्षण अनुभव को भविष्य की पढ़ाई में उपयोग किया जा सकेगा।

इससे युवाओं को शिक्षा और रोजगार दोनों क्षेत्रों में लाभ मिलेगा। सेना में बिताए गए चार वर्ष केवल सेवा का अनुभव नहीं रहेंगे, बल्कि उनके भविष्य के करियर निर्माण का मजबूत आधार बनेंगे।

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

सरकार की यह पहल डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दस्तावेजों का डिजिटलीकरण न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत करेगा।

जानकारी के अनुसार भविष्य में भारतीय वायुसेना के वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के दस्तावेजों को भी इसी डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह व्यवस्था?

विशेषज्ञों का कहना है कि आज के दौर में केवल डिग्री ही नहीं बल्कि प्रमाणित कौशल (Certified Skills) भी रोजगार प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सेना में प्राप्त प्रशिक्षण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी दक्षता को अब डिजिटल प्रमाणपत्रों के माध्यम से देशभर में आसानी से मान्यता मिल सकेगी।

युवाओं के लिए यह व्यवस्था इसलिए भी उपयोगी है क्योंकि इससे उनका डेटा सुरक्षित रहेगा, दस्तावेज कभी खोएंगे नहीं और भविष्य में नौकरी या पढ़ाई के लिए बार-बार कागजी प्रमाण प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

युवाओं का भविष्य में बनेगा उज्ज्वल

अग्निवीरों के स्किल, ट्रेनिंग और अनुभव प्रमाणपत्रों को DigiLocker से जोड़ने की पहल युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल उनके दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे, बल्कि रोजगार, उच्च शिक्षा और करियर विकास के नए अवसर भी खुलेंगे। डिजिटल भारत की दिशा में यह कदम लाखों अग्निवीरों को आधुनिक और सुविधाजनक व्यवस्था का लाभ पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor