पंकज जांगिड़. जोधपुर
सोमाश्रम अर्बुदाचल आश्रम माउण्ट आबू के मठाधिपति स्वामी सच्चिदानंद गिरि महाराज जो कि ब्रह्मलीन स्वामी ईश्वरानन्द गिरि महाराज के शिष्य हैं, उनके शिष्य शैलेश व्यास के प्रेम विहार स्थित निवास स्थान पर पघारे और आशीर्वचन प्रदान किया। स्वामी जी का सभी भक्तगणों ने स्वागत-सत्कार किया और संवित् संकीर्तन किया।
शैलेश व्यास ने बताया कि स्वामी जी लगभग पूरे पुरूषोतम माह में जोधपुर, फलोदी में आयोजित संवित पुरूषोतम मास महोत्सव में स्वयं उपस्तिथ रहे और प्रत्येक संवित साघकगण के निवास स्थान पर सत्संग की जिसमें शांति मंत्र विष्णु सहस्रनाम श्री सूक्त 33 मालपुओं से अर्चना व आशीर्वचन प्रदान कर और करने के लिये धर्म और जानने के लिये ब्रह्म का उपदेश दिया और श्रीमद् भगवत गीता के 15वें अध्याय पुरूषोतम योग को समझाते हुए ( निर्मान मोहा जित्संग दोषा अध्यात्म नित्या विनिव्रत कामा) राग द्वेष रहित मान अपमान रहित कर्मयोग करने पर ज़ोर दिया। भक्तगणों में डॉ. सी. एस. कल्ला, विजया कल्ला, अंशुमान, शेखर थानवी, हेमांगी वशिष्ठ, राजेश व्यास, चित्रा व्यास, दुर्गेश बोहरा, मोनू बोहरा, संजय थानवी, नटवर व्यास, नरपत सिंह गौड़, पूर्णिमा व्यास, अनिरुद्ध व्यास, रमेश रामदेव, वीणा रामदेव, सीमा बोड़ा ने स्वामी जी का भव्य स्वागत-सत्कार किया।




