अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विवेकानंद पार्क में 200 से अधिक लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास, आरोग्य भारती का दशकभर से निरंतर प्रयास
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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“योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली जीवन पद्धति है।” इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आरोग्य भारती, जोधपुर प्रांत द्वारा सरस्वती नगर स्थित विवेकानंद पार्क में भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में लगभग 200 से अधिक नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योगाभ्यास किया तथा स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।
आरोग्य भारती जोधपुर प्रांत की महिला कार्य प्रमुख श्रीमती माधवी श्रीवास्तव एवं प्रांत पर्यावरण प्रमुख रतनलाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों से विवेकानंद पार्क में नियमित योगाभ्यास का यह अभियान निरंतर चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में निरंतर चल रहे जन-जागरण अभियान का हिस्सा था।
योग को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं उद्योगपति उमेश लीला ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती भागदौड़, तनाव, अनियमित जीवनशैली और शारीरिक निष्क्रियता के कारण अनेक प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसी स्थिति में योग ही वह माध्यम है जो मनुष्य को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बना सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत ने योग के माध्यम से पूरी दुनिया को स्वास्थ्य का एक ऐसा उपहार दिया है, जिसका लाभ आज करोड़ों लोग उठा रहे हैं। योग केवल रोगों से मुक्ति का साधन नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सकारात्मक बनाने की कला भी है।
विशिष्ट अतिथि पार्षद श्रीमती मीनाक्षी कोठारी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। आज पूरी दुनिया योग को अपना रही है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने नागरिकों से प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा योग करने का आग्रह किया।
दस वर्षों से निरंतर चल रहा है योग जागरण अभियान
आरोग्य भारती द्वारा विवेकानंद पार्क में चलाया जा रहा योग अभियान आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। पिछले दस वर्षों से यहां नियमित योगाभ्यास कराया जा रहा है। इस निरंतर प्रयास का परिणाम है कि बड़ी संख्या में लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं।
श्रीमती माधवी श्रीवास्तव एवं रतनलाल श्रीवास्तव ने बताया कि योग केवल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि व्यक्ति प्रतिदिन योग करे तो वह अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बच सकता है। उन्होंने कहा कि योग का वास्तविक लाभ तभी प्राप्त होता है जब इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए।
अनुभवी योग प्रशिक्षकों ने कराया योगाभ्यास
कार्यक्रम में अनुभवी योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। योगाभ्यास का संचालन करने वाली प्रमुख योग प्रशिक्षक थीं—
- श्रीमती विभा गौड़
- श्रीमती शिल्पी कुलश्रेष्ठ
- श्रीमती अनुराधा गोस्वामी
इन तीनों योग गुरुओं द्वारा पिछले दस वर्षों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सहित विभिन्न अवसरों पर विवेकानंद पार्क में नियमित रूप से योगाभ्यास कराया जा रहा है।
योग प्रशिक्षकों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, मकरासन, पवनमुक्तासन सहित अनेक महत्वपूर्ण योगासनों का अभ्यास करवाया। इसके साथ ही अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी और ध्यान की विशेष विधियों का भी अभ्यास कराया गया।
योग: शरीर, मन और आत्मा का समन्वय
विशेषज्ञों के अनुसार योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है। योग मनुष्य के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास का विज्ञान है। योग शरीर को स्वस्थ बनाता है, मन को शांत करता है और आत्मा को स्थिरता प्रदान करता है।
आज के समय में तनाव, अवसाद, चिंता, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और हृदय रोग जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। नियमित योगाभ्यास इन समस्याओं की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है।
योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यक्ति प्रतिदिन केवल 30 मिनट योग करे तो उसकी कार्यक्षमता, एकाग्रता और रोग प्रतिरोधक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
विश्व को भारत की अनुपम देन है योग
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भारत के प्रस्ताव पर वर्ष 2014 में इसे मान्यता प्रदान की गई थी। तब से दुनिया के लगभग सभी देशों में योग दिवस उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया के अनेक देशों में लाखों लोग नियमित रूप से योग कर रहे हैं।
योग भारतीय संस्कृति, दर्शन और जीवन मूल्यों का ऐसा उपहार है जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का मार्ग दिखाया है।
नगरवासियों में दिखा उत्साह
विवेकानंद पार्क में आयोजित कार्यक्रम में नगरवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पार्क में पहुंचने लगे। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों ने एक साथ योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
उपस्थित लोगों ने कहा कि योग ने उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाए हैं। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम हुआ है, स्वास्थ्य बेहतर हुआ है तथा जीवन में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
प्रमुख नागरिकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें प्रमुख रूप से आर.एल. जांगिड़, महेश लीला, भंवरलाल भूतड़ा, श्याम सुंदर मित्तल, रामभगत अग्रवाल, सुरेश भंसाली, नवरत्नमल वैद्य, आशीष घोषाल, प्रकाश गुप्ता, राजन अग्रवाल, दीपक अग्रवाल एवं बालकिशन अग्रवाल सहित अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सभी ने योग को जन-जन तक पहुंचाने और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
स्वस्थ भारत के निर्माण का माध्यम है योग
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत योग से करे तो न केवल उसका स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि समाज और राष्ट्र भी अधिक स्वस्थ एवं सशक्त बनेंगे।
आज जब पूरी दुनिया तनाव, प्रदूषण और जीवनशैली जनित रोगों से जूझ रही है, तब योग एक प्रभावी समाधान बनकर सामने आया है। योग हमें सिखाता है कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक सोच ही सुखी जीवन का आधार हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विवेकानंद पार्क में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल योगाभ्यास का आयोजन था, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज निर्माण का एक प्रेरक संदेश भी था। आरोग्य भारती के इस दशकभर के सतत प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो योग के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। “करें योग, रहें निरोग” के संदेश के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।










