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Thursday, July 9, 2026, 1:33 am

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रंगों ने खोले मन के द्वार: लव कुश आश्रम की बालिकाओं ने कला के जरिए व्यक्त की अपनी भावनाएं

रंगों में बयां हुई भावनाएं: लव कुश आश्रम में बालिकाओं के लिए विशेष आर्ट थेरेपी सत्र आयोजित
मनोवैज्ञानिक व आर्ट थेरेपी विशेषज्ञ डॉ. हिमांशी गहलोत ने बच्चियों को सिखाए कला और अभिव्यक्ति के गुर

सुनील वर्मा. जोधपुर 

जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित लव कुश आश्रम में बालिकाओं के मानसिक, भावनात्मक एवं रचनात्मक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष आर्ट थेरेपी सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इन्वेंटिव हेल्पिंग हैंड सोसाइटी और वेलनेस क्लिनिक के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में मनोवैज्ञानिक एवं आर्ट थेरेपी विशेषज्ञ डॉ. हिमांशी गहलोत ने बालिकाओं को कला के माध्यम से अपनी भावनाओं को पहचानने और अभिव्यक्त करने के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आर्ट थेरेपी केवल चित्र बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तनाव कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और मानसिक संतुलन स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम है।

सत्र के दौरान बालिकाओं ने कैनवास पर रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं और मन की भावनाओं को साकार किया। बच्चियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। इस गतिविधि ने उन्हें खुलकर सोचने, अपनी बात व्यक्त करने और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान किया।

डॉ. गहलोत ने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास, भावनात्मक सशक्तिकरण और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम में कला के क्षेत्र से जुड़ी काश्विनी गहलोत एवं अलका माहेश्वरी ने भी सक्रिय सहभागिता निभाते हुए बालिकाओं का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर लव कुश आश्रम की प्रभारी शोभा परिहार तथा नवजीवन संस्थान के अध्यक्ष राजेंद्र परिहार की विशेष उपस्थिति रही।सत्र के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कला आधारित ऐसे कार्यक्रम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविकास के लिए अत्यंत उपयोगी हैं तथा इन्हें नियमित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor