मधुकेश्वर महादेव मंदिर से होगा शुभारंभ, पीले वस्त्र पहनकर रथ खींचने का किया गया आह्वान, तैयारियां जोरों पर
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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जोधपुर। धार्मिक आस्था, भक्ति और भारतीय संस्कृति के अद्भुत संगम का प्रतीक भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा इस वर्ष 16 जुलाई 2026, गुरुवार को मधुबन हाउसिंग बोर्ड स्थित मधुकेश्वर महादेव मंदिर से श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली जाएगी। मधुकेश्वर महादेव मंदिर महिला विकास संस्थान के तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस रथयात्रा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों सहित समस्त श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में रथयात्रा में शामिल होकर भगवान श्री हरि प्रभु जगन्नाथ का रथ खींचने तथा पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।
संस्थान के अनुसार रथयात्रा का शुभारंभ सुबह 9 बजे विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ होगा। इसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की सुसज्जित प्रतिमाओं को आकर्षक रथ में विराजित कर भक्तों के बीच दर्शनार्थ निकाला जाएगा। पूरे मार्ग में श्रद्धालु जयघोष, भजन-कीर्तन और पुष्प वर्षा के साथ भगवान का स्वागत करेंगे। आयोजन समिति का कहना है कि रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव, समानता और सेवा का संदेश देने वाला आध्यात्मिक उत्सव भी है।
समिति ने श्रद्धालुओं से विशेष आग्रह किया है कि वे यथासंभव पीले रंग के वस्त्र पहनकर रथयात्रा में शामिल हों। भारतीय परंपरा में पीला रंग शुभता, भक्ति, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। एक ही रंग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता से रथयात्रा का दृश्य और भी आकर्षक एवं भव्य दिखाई देगा। साथ ही भक्तों से भगवान श्री जगन्नाथ के रथ को अपने हाथों से खींचने का भी आग्रह किया गया है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने का सौभाग्य प्राप्त होने से जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद मिलता है।
आयोजन समिति ने बताया कि रथयात्रा को लेकर मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सजावट, विद्युत रोशनी, पुष्प सज्जा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं ताकि सभी भक्त सुचारु रूप से भगवान के दर्शन कर सकें और धार्मिक आयोजन में भागीदारी निभा सकें। आयोजन को सफल बनाने के लिए महिला विकास संस्थान के पदाधिकारी, मंदिर से जुड़े सेवाभावी कार्यकर्ता तथा स्थानीय श्रद्धालु विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भारत की प्राचीन और विश्वविख्यात धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है। इस पर्व का उद्देश्य भगवान को भक्तों के बीच लाना और यह संदेश देना है कि ईश्वर सभी के हैं तथा उनकी कृपा प्रत्येक व्यक्ति पर समान रूप से बनी रहती है। यही कारण है कि रथयात्रा में समाज के सभी वर्गों के लोग बिना किसी भेदभाव के शामिल होकर भक्ति और सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। जोधपुर में भी यह आयोजन वर्षों से श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है तथा हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेकर धार्मिक आस्था का परिचय देते हैं।
आयोजन समिति का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं। रथयात्रा के दौरान भक्तों को भगवान के दर्शन का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा और भजन-कीर्तन के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा। समिति ने सभी परिवारों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों और युवाओं को भी इस धार्मिक आयोजन से जोड़ें, ताकि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित हो सके।
मधुकेश्वर महादेव मंदिर महिला विकास संस्थान ने जोधपुर शहर तथा आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। समिति का कहना है कि अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता से यह रथयात्रा धार्मिक आस्था का भव्य उत्सव बनेगी और भगवान श्री जगन्नाथ की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहेगी।
रथयात्रा में भाग लेने अथवा आयोजन से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इच्छुक श्रद्धालु 9829023399 एवं 9414132967 पर संपर्क कर सकते हैं। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से समय की पालना करते हुए सुबह 9 बजे से पूर्व मंदिर परिसर पहुंचने तथा श्रद्धा, अनुशासन और सेवा भाव के साथ आयोजन में सहभागिता निभाने का आग्रह किया है।



