दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस्कॉन जोधपुर द्वारा लघु उद्योग भारती कार्यालय (डीजल लोकोशेड के पास), जोधपुर में भव्य भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्रद्धा, सेवा एवं आध्यात्मिक उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुआ, जिसमें शहर के प्रमुख उद्योगपतियों, समाजसेवियों, दानदाताओं, गणमान्य नागरिकों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दिव्य हरिनाम संकीर्तन से हुआ। इसके पश्चात इस्कॉन जोधपुर के अध्यक्ष श्री सुंदरलाल प्रभु जी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस्कॉन की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होना सम्पूर्ण वैष्णव समाज के लिए गौरव एवं उत्सव का विषय है। उन्होंने बताया कि श्रील ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद द्वारा स्थापित इस्कॉन ने पिछले छह दशकों में विश्वभर में श्रीकृष्ण भक्ति, वैदिक संस्कृति एवं आध्यात्मिक जीवन मूल्यों के प्रचार-प्रसार में अभूतपूर्व योगदान दिया है। इसी उपलक्ष्य में जोधपुर के प्रमुख दानदाताओं एवं सेवाभावी सहयोगियों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता परम आदरणीय श्री देवकीनन्दन प्रभु जी (ISKCON Trustee, GBC Global Minister for Fund Development एवं Zonal Secretary) ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि इस्कॉन ने पिछले 60 वर्षों में करोड़ों लोगों के जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, हरिनाम संकीर्तन तथा वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार में दानदाताओं एवं भक्तों का योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आह्वान किया कि वे आने वाले समय में भी भगवान की सेवा, मंदिर निर्माण एवं समाज में आध्यात्मिक जागरण के इस दिव्य अभियान से निरंतर जुड़े रहें।
समारोह में मंदिर निर्माण एवं धर्म प्रचार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भूमि दानदाताओं, धर्म शिरोमणि, धर्म प्रमुख, धर्म अधिकारी, धर्म स्तंभ तथा अन्य प्रमुख भामाशाहों का सम्मान किया गया। सम्मानित अतिथियों का उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अभिनंदन किया।
कार्यक्रम श्री अर्जुन सिंह ऊचियाराड़ा (अध्यक्ष, इस्कॉन जोधपुर सलाहकार समिति) तथा श्री महावीर जी चौपड़ा (उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, राजस्थान) की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर इस्कॉन के संस्थापक सदस्यों एवं विभिन्न सेवाओं से जुड़े वरिष्ठ भक्तों का भी सम्मान किया गया।
समारोह में अनेक भक्तगण, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन हरिनाम संकीर्तन, आशीर्वचन एवं महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। पूरे आयोजन में भक्ति, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला तथा इस्कॉन की 60 वर्षों की गौरवशाली आध्यात्मिक यात्रा का उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।









