खेती की जरूरतों के लिए त्वरित वित्तीय सहायता, पशुपालन व मत्स्य पालन भी योजना के दायरे में शामिल
दिलीप कुमार पुरोहित. नई दिल्ली
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना किसानों को खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए समय पर सुलभ एवं कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर कृषि उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
प्रमुख तथ्य:
- वर्ष 1998 में किसानों को आसान कृषि ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना शुरू की गई।
- भूमि जोत के आधार पर बैंक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी करते हैं।
- बीज, उर्वरक, कीटनाशक, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए ऋण का उपयोग किया जा सकता है।
- समय पर ऋण चुकाने वाले पात्र किसानों को ब्याज में केंद्र सरकार की ब्याज सहायता (Interest Subvention) का लाभ मिलता है।
- योजना का लाभ पशुपालकों और मत्स्य पालकों को भी निर्धारित पात्रता के अनुसार दिया जा रहा है।
- केसीसी से किसानों की साहूकारों पर निर्भरता घटने के साथ कृषि कार्यों के लिए समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित हो रही है।


