दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) जोधपुर द्वारा आयोजित होने वाली भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी की भव्य श्री जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान इस्कॉन पदाधिकारियों ने रथयात्रा की तैयारियों, यात्रा मार्ग, धार्मिक कार्यक्रमों तथा श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को निकलने वाली रथयात्रा की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इस बार आयोजन को पहले से अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में इस्कॉन ट्रस्टी, जीबीसी ग्लोबल मिनिस्टर फॉर फंड डेवलपमेंट एवं जोनल सेक्रेटरी देवकीनंदन प्रभु जी तथा इस्कॉन जोधपुर के अध्यक्ष सुंदरलाल प्रभु जी ने बताया कि श्री जगन्नाथ रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, भक्ति एवं सेवा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को शाम 4 बजे रथयात्रा रावण का चबूतरा से प्रारंभ होकर बॉम्बे मोटर सर्कल, जालोरी गेट, गोल बिल्डिंग, बी रोड, चिल्ड्रन पार्क, सत्संग भवन, जलजोग सर्कल, एस.एन. मेडिकल कॉलेज सर्कल एवं दल्ले खां की चक्की सर्कल होते हुए पुनः रावण का चबूतरा पहुंचेगी। यात्रा के दौरान हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन एवं भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन का लाभ श्रद्धालुओं को मिलेगा। समापन पर सभी के लिए महाप्रसाद एवं भंडारे की व्यवस्था रहेगी।
इस्कॉन पदाधिकारियों ने बताया कि 15 जुलाई से 24 जुलाई तक भगवान श्री जगन्नाथ विभिन्न श्रद्धालु परिवारों के निवास पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन एवं सेवा का अवसर प्रदान करेंगे। इस दौरान अनेक भक्त परिवारों के यहां भगवान का शुभागमन होगा, जहां धार्मिक कार्यक्रम एवं पूजन-अर्चना आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा 24 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ की वापसी रथयात्रा पार्श्वनाथ सिटी से प्रारंभ होकर सांगरिया फांटा होते हुए श्री श्री राधा गोविंद जी मंदिर (इस्कॉन), तनावड़ा पहुंचेगी। वहां भगवान का विशेष स्वागत, भव्य आरती, संकीर्तन एवं महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
इस्कॉन जोधपुर ने शहरवासियों से परिवार सहित रथयात्रा में शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन, हरिनाम संकीर्तन एवं महाप्रसाद का लाभ लेने की अपील की। प्रेस वार्ता के दौरान आयोजकों ने मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक इस धार्मिक आयोजन की जानकारी पहुंचाने का भी आग्रह किया।



