एपीसीआर राजस्थान की ओर से लीगल अवेयरनेस कार्यशाला का हुआ आयोजन
राइजिंग भास्कर. जोधपुर
लोगों के अंदर कानूनी जागरुकता होनी चाहिए तथा उन्हें अपने अधिकारों का पता होना चाहिए। अन्याय के खिलाफ खड़े होना, अपनी आवाज बुलंद करना सही मायनों में संविधान का पालन करना ही है।
ये कहना है दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट फवाज शाहीन का। वे एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट (एपीसीआर) राजस्थान की ओर से रविवार को जोधपुर के मेडती गेट स्थित संजय चौक सभागार में आयोजित एक दिवसीय ‘कानूनी जागरुकता (लीगल अवेयरनेस) कार्यशाला‘ में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।
उन्होंने ‘दस्तावेज़ीकरण, तथ्य-खोज और कानूनी अधिकार‘ विषय पर कहा कि मानव अधिकार (हुमन राइट) के हनन की घटनाओं का दस्तावेजीकरण कैसे करना है और उसका क्या महत्व है। सुप्रीम कोर्ट के डिमोलाइसन केस (विध्वंस के मामले) की गाइड लाइन के बारे में सूचना दी और बताया कि कैसे उनका उल्लंघन हो रहा है।
एपीसीआर के प्रदेश अध्यक्ष एवं राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट सय्यद सआदत अली ने बतौर विशिष्ट वक्ता ‘वक्फ संपत्तियां और उसकी हिफाजत‘ विषय पर अपनी बात कहीं। उन्होंने बुलडोजर कार्यवाही की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी गैर कानूनी कार्यवाही के खिलाफ क्रिमीनल प्रोसिडिंग की कार्यवाही करनी चाहिए, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही हो। संविधान ने आर्टिकल 14 से 30 के अंतर्गत देश के नागरिकों को जीवन यापन के जो अधिकार दिये हैं उनकी सुरक्षा करना सरकार का कर्तव्य है।
एपीसीआर राजस्थान महासचिव मुज़म्मिल रिज़वी ने एपीसीआर का परिचय देते हुए कहा कि इसमें आम आदमी के अधिकारों की रक्षा के लिए देश भर में निःशुल्क कानूनी सहायता शिविर, विधिक जागरूकता और मानवाधिकार संरक्षण, पैरालीगल वालंटियर प्रशिक्षण, फैक्ट फाइंडिंग और डॉक्यूमेंटेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे है।
सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी निसार अहमद ने ‘भूमि राजस्व रिकार्ड और धार्मिक संपत्तियां‘ विषय पर विस्तार से अपनी बात कहीं। मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी चेयरपर्सन मोहम्मद अतीक ने कहा कि हम हमारी सम्पतियों के डॉक्यूमेन्ट्स सही और सुरक्षित करने साथ ही अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों का एक समूह तैयार करें जो हमेशा हर किसी की मदद करता रहें।
दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट मोहम्मद हुजेफा ने ‘तथ्यों का पता लगाना, व्यावहारिक पहलू और कानूनी रणनीति‘ एवं एपीसीआर के संयुक्त सचिव एडवोकेट मुनाजीर इस्लाम ने ‘समान नागरिक संहिता, कानूनी व संविधानिक परिपेक्ष्य‘ विषय पर अपने विचार रखें।
जोधपुर कॉर्डिनेटर साजिद खान जोधाणा ने कहा कि कानूनी और सामाजिक अवेयरनेस से ही समाज को मजबूती मिलेगी। स्वागत उद्बोधन एपीसीआर के जोधपुर यूनिट सचिव मोहम्मद रियाज ने दिया। अंत में सवाल-जवाब सेशन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
इस मौके पर एपीसीआर कोषाध्यक्ष एडवोकेट खुर्शीद अहमद, शहर खतीब तैयब अंसारी, शिक्षाविद् सदाकतउल्लाह खान, यूनाईटेड उम्माह वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष अब्दुल रहीम सांखला, सदस्य असलम मंसूरी, इमामुद्दीन बंदूकसाज, अब्दुल जरीफ चौबदार, कौम कांटे वाले लोहारान के कोषाध्यक्ष अब्दुल सलीम, समाजसेवी इरफान कुरैशी, इकबाल अली रंगरेज, जावेद हुसैन, क़ुरैश कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल क़य्यूम क़ुरैशी, मौलाना शाहीद नदवी, मौलाना मोहम्मद रमजान, कासमी, हाजी कालू खां जुनेजा, एआईएमआईएम जोधपुर जिला प्रभारी फिरोज खान अब्बासी, शकील अहमद, सनवर कुरेशी, मोहम्मद जाकिर, एडवोकेट मोहम्मद अतीक, एडवोकेट अब्दुल खालिद, एडवोकेट जावेद गौरी एवं जोधपुर सहित दिल्ली, जयपुर, पाली, जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, पीपाड़, बुचेटी, भोपालगढ के कई इस्लामिक शिक्षाविद् एवं मुस्लिम समुदाय की विभिन्न जातियों के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।





