दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook पर इन दिनों एक भावनात्मक वीडियो तेजी से साझा किया जा रहा है, जिसमें त्रिशिव (Dhrishiv) नामक बच्चे के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की अपील की जा रही है। वीडियो में दावा किया गया है कि बच्चे के जीवनरक्षक इलाज पर करोड़ों रुपये का खर्च आएगा तथा लक्ष्य राशि का केवल सीमित हिस्सा जुटाना शेष है। यह अभियान Soul Seva Foundation के नाम से प्रसारित किया जा रहा है।
Facebook +1 : मानवीय संवेदनाओं को झकझोर रहा वीडियो
वीडियो में बच्चे के माता-पिता की भावनात्मक अपील दिखाई गई है। वे समाज से सहयोग की अपील करते हुए कहते हैं कि समय पर इलाज मिलने से बच्चे का जीवन बचाया जा सकता है। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग वीडियो को साझा कर रहे हैं और सहायता के लिए आगे आने की अपील कर रहे हैं।
Facebook : गंभीर बीमारियों में महंगा इलाज बड़ी चुनौती
दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियों के उपचार में कई बार दवाओं और विशेष इंजेक्शन की कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है। ऐसे मामलों में अनेक परिवार सामाजिक सहयोग और क्राउडफंडिंग का सहारा लेते हैं। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर इस प्रकार के अभियान समय-समय पर सामने आते रहते हैं।
सहयोग से पहले करें पूरी जांच
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी चिकित्सा सहायता अभियान में दान देने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच अवश्य करनी चाहिए—अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट देखें। डॉक्टर द्वारा जारी उपचार संबंधी दस्तावेज देखें। अनुमानित इलाज खर्च का प्रमाण देखें। संस्था का पंजीकरण एवं बैंक विवरण सत्यापित करें। यदि संभव हो तो सीधे अस्पताल से पुष्टि करें।
फैक्ट बॉक्स
अभियान: त्रिशिव के इलाज के लिए आर्थिक सहायता
माध्यम: Facebook पर Soul Seva Foundation का अभियान
दावा: इलाज के लिए करोड़ों रुपये की आवश्यकता
स्थिति: अभियान सोशल मीडिया पर उपलब्ध है, लेकिन स्वतंत्र स्रोत से पूर्ण सत्यापन नहीं मिला है।
Facebook +1 : विशेष बॉक्स : जिम्मेदार नागरिक बनें
- जरूरतमंदों की मदद अवश्य करें।
- लेकिन भावनाओं के साथ-साथ तथ्यों की भी जांच करें।
- केवल सत्यापित दस्तावेज और विश्वसनीय भुगतान माध्यम मिलने पर ही आर्थिक सहयोग करें।
मामला गंभीर हो और सत्यापित हो जाए तो कृपया आर्थिक मदद अवश्य करें :
सोशल मीडिया पर वायरल यह अभियान लोगों को मानवता के नाते सहायता के लिए प्रेरित कर रहा है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट है कि ऐसा अभियान वास्तव में Facebook पर चल रहा है, लेकिन इसके सभी दावों का स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है। इसलिए किसी भी प्रकार का आर्थिक सहयोग करने से पहले संबंधित दस्तावेजों और अस्पताल से पुष्टि करना आवश्यक है। यही जिम्मेदार और सुरक्षित तरीका है।


