सुमनेश व्यास 138.2026/.जोधपुर
बड़लेश्वर महादेव मंदिर में भागवत कथा के चौथे दिन भक्ति, अवतार प्रसंग और समाज सुधार का संदेश
प्रहलाद की भक्ति से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव तक गूंजे भक्तिमय प्रसंग, सेनाचार्य अचलानंद जी महाराज ने दिया नशामुक्ति का संदेश
जोधपुर। श्री बड़लेश्वर महादेव मंदिर, जालोरी बारी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक प्रसंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास परमहंस 108 श्री राम प्रसाद जी महाराज ने व्यास पीठ से भगवान की भक्ति, विभिन्न अवतारों और धर्म के महत्व से जुड़े अनेक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में अनुभव दास जी महाराज एवं सेनाचार्य अचलानंद जी महाराज का भी सानिध्य रहा।
कथा का प्रारंभ भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति के प्रसंग से हुआ। इसके बाद समुद्र मंथन, भगवान शिव द्वारा विषपान, अमृत प्राप्ति के लिए देवताओं और दानवों के बीच संघर्ष तथा भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप धारण कर अमृत का वितरण करने का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास ने मत्स्य अवतार, राजा बलि और भगवान वामन अवतार के प्रसंगों के माध्यम से धर्म, सत्य, त्याग और भगवान की शरणागति का महत्व समझाया।
कथा में श्रीराम जन्म, राजा भागीरथ द्वारा मां गंगा को पृथ्वी पर लाने तथा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव तक के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान वातावरण जयकारों और भक्ति भाव से गूंज उठा तथा श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक जन्मोत्सव मनाया।
इस अवसर पर सेनाचार्य अचलानंद जी महाराज ने सूर्यनगरी जोधपुर को धार्मिक आयोजनों की नगरी बताते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक आनंद लेना ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी होना चाहिए। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि परिवार और समाज में सुधार की शुरुआत घर से की जा सकती है। माताएं और बहनें आगे आकर अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने समझाइश और प्रेम के माध्यम से परिवार में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कार, संवाद और सही मार्गदर्शन से बच्चों और युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान संत-महात्माओं का साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद लिया। सतीश कुमार सोनी जालोरा परिवार की ओर से भागवत जी की विधिवत आरती की गई।
कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कृष्ण जन्मोत्सव के कारण चारों ओर पीली साड़ी व पौषाक नजर आ रही थी । भक्तिमय वातावरण में कथा का श्रवण कर धर्म, भक्ति एवं संस्कारों का संदेश ग्रहण किया।


