प्रहलाद की भक्ति से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव तक गूंजे भक्तिमय प्रसंग, सेनाचार्य अचलानंद जी महाराज ने दिया नशामुक्ति का संदेश
आनंद कल्ला. जोधपुर
श्री बड़लेश्वर महादेव मंदिर, जालोरी बारी में जीर्णोद्धार उत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक प्रसंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास परमहंस 108 श्रीराम प्रसाद महाराज ने व्यास पीठ से भगवान की भक्ति, विभिन्न अवतारों और धर्म के महत्व से जुड़े अनेक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में अनुभव दास महाराज एवं सेनाचार्य अचलानंद महाराज का भी सान्निध्य रहा।
कथा का प्रारंभ भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति के प्रसंग से हुआ। इसके बाद समुद्र मंथन, भगवान शिव द्वारा विषपान, अमृत प्राप्ति के लिए देवताओं और दानवों के बीच संघर्ष तथा भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप धारण कर अमृत का वितरण करने का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास ने मत्स्य अवतार, राजा बलि और भगवान वामन अवतार के प्रसंगों के माध्यम से धर्म, सत्य, त्याग और भगवान की शरणागति का महत्व समझाया। कथा में श्रीराम जन्म, राजा भागीरथ द्वारा मां गंगा को पृथ्वी पर लाने तथा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव तक के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान वातावरण जयकारों और भक्ति भाव से गूंज उठा तथा श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक जन्मोत्सव मनाया।





