125 से 150 इकाइयों में कई बंद, हजारों लोगों के रोजगार पर मंडराया खतरा; एसोसिएशन ने सरकार और ग्राहकों से दाम बढ़ाने में सहयोग की अपील की
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और बाजार में जारी मंदी के चलते जोधपुर का कोरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरिंग उद्योग गंभीर संकट से गुजर रहा है। जोधपुर कॉरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (JCBMA) की आपातकालीन बैठक में उद्योग की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई गई। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो कई इकाइयों के सामने अपना संचालन जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
दो महीनों में क्राफ्ट पेपर 20 से 22 प्रतिशत महंगा
एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गर्ग और सचिव राजू के अनुसार पिछले दो महीनों में क्राफ्ट पेपर की कीमतों में करीब 20 से 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा प्रिंटिंग वायर, गम, इंक और बाइंडिंग क्लॉथ जैसी आवश्यक सामग्री की लागत में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है और उद्योग के लिए मौजूदा कीमतों पर काम करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों का असर
एसोसिएशन के मुताबिक क्राफ्ट पेपर की कीमतों में वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार से स्क्रैप और वेस्ट पेपर की आवक बाधित होना प्रमुख कारणों में शामिल है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण कंटेनर शिपिंग भाड़े में वृद्धि होने की बात भी प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है। इसके साथ कोयले की कमी एवं महंगी कीमतों, आवश्यक केमिकल्स और पल्प की अनुपलब्धता ने पेपर मिलों के उत्पादन को प्रभावित किया है।
जोधपुर में 125 से 150 बॉक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
बैठक में शामिल उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि जोधपुर में करीब 125 से 150 कोरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स संचालित हैं। इनमें से कई इकाइयां बंद हो चुकी हैं या बंद होने की कगार पर हैं। इससे उद्योग से जुड़े कारोबारियों के साथ-साथ श्रमिकों के सामने भी रोजगार का संकट गहराने की आशंका जताई गई है।
हैंडीक्राफ्ट और फर्नीचर बाजार में मंदी से मांग प्रभावित
एसोसिएशन ने बताया कि जोधपुर का हैंडीक्राफ्ट और फर्नीचर बाजार वैश्विक मंदी तथा ऊंचे शिपिंग भाड़े से प्रभावित है। वहीं टेक्सटाइल और स्टील इंडस्ट्री में आई गिरावट तथा कुछ इकाइयों के बंद होने का असर कोरुगेटेड बॉक्स की मांग पर भी पड़ा है। मांग में कमी और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी ने उद्योग की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
5 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार
कोरुगेटेड बॉक्स उद्योग को श्रम-प्रधान बताते हुए एसोसिएशन ने कहा कि इससे जोधपुर में करीब 4 हजार से 5 हजार लोगों को प्रत्यक्ष तथा लगभग 30 हजार से 40 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है। उद्योग में लंबे समय तक संकट रहने की स्थिति में हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होने की चिंता जताई गई है।
सरकार और ग्राहकों से सहयोग की अपील
एसोसिएशन ने सरकार, ग्राहकों और व्यापारिक जगत से मौजूदा परिस्थितियों को समझने तथा कोरुगेटेड बॉक्स के दामों में किए जा रहे संशोधन का समर्थन करने की अपील की है। एसोसिएशन का कहना है कि कीमतों में आवश्यक संशोधन से उद्योग को पूर्ण रूप से बंद होने से बचाया जा सकता है और इससे जुड़े हजारों परिवारों के रोजगार की रक्षा हो सकेगी।


