एम्स-बीआईएस के राष्ट्रीय सेमिनार में चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा और खरीद प्रणाली पर मंथन
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता, मानकीकरण और खरीद प्रक्रिया को मजबूत करना जरूरी है। इसी विषय को लेकर एम्स-जोधपुर और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, चिकित्सकों, तकनीकी अधिकारियों और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘मानकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में परिवर्तन’ रहा। इसमें चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा, विश्वसनीयता तथा उनकी खरीद प्रणाली में पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के पालन पर विस्तार से चर्चा की गई।
गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष जोर
सेमिनार में विशेषज्ञों ने कहा कि अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले चिकित्सा उपकरण सीधे मरीजों की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता से जुड़े होते हैं। इसलिए उपकरणों की खरीद से लेकर उनके उपयोग, रखरखाव और निगरानी तक निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन आवश्यक है। चिकित्सा उपकरणों के लिए जोखिम प्रबंधन और सुरक्षा प्रक्रियाओं का महत्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रमुख विषय है।
खरीद प्रणाली में पारदर्शिता की जरूरत
कार्यक्रम में चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और मानक आधारित बनाने पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने गुणवत्ता के साथ उचित मूल्य, उपकरण की विश्वसनीयता, तकनीकी मानकों और आपूर्ति के बाद की सेवाओं को ध्यान में रखकर खरीद करने की आवश्यकता बताई।
बदल रही है मेडिकल डिवाइस की दुनिया
सेमिनार में चिकित्सा उपकरणों में हो रहे तकनीकी बदलावों पर भी चर्चा हुई। आधुनिक चिकित्सा उपकरण तेजी से सॉफ्टवेयर, कनेक्टिविटी और नई तकनीकों से जुड़ रहे हैं। ऐसे में इनके विकास और इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा तथा जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता देना जरूरी है। विशेषज्ञों ने माना कि मानकीकरण केवल उपकरणों की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मरीजों की सुरक्षा, अस्पतालों की कार्यक्षमता और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता से भी जुड़ा विषय है। सेमिनार के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय, गुणवत्ता आधारित खरीद व्यवस्था और चिकित्सा उपकरणों के सुरक्षित उपयोग की दिशा में जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।


