पंकज जांगिड़. जोधपुर
रातानाडा, शिव रोड, केसरबाग स्थित श्री सिद्ध नागेश्वर महादेव मंदिर में भाद्रपद मास की द्वादशी के पावन अवसर पर बछ बारस (गोवत्स द्वादशी) का पर्व पुजारी ललिता जोशी के सान्निध्य में श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विधि-विधानपूर्वक गाय एवं बछड़े का पूजन किया गया।
मंदिर पुजारी ललिता जोशी ने बछ बारस की धार्मिक मान्यताओं एवं कथा का श्रवण कराया तथा गौ-पूजन के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बछ बारस का पर्व मातृत्व, गौ-सेवा और संतान के प्रति मंगलकामना से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन महिलाएं गाय और बछड़े की पूजा कर अपनी संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना करती हैं। पूजा-अर्चना के दौरानw श्रद्धालुओं ने गौ-माता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए परिवार एवं समाज के कल्याण की प्रार्थना की।
पर्व की परंपराओं के अनुसार बछ बारस के दिन चाकू से काटी गई सब्जियों एवं फलों का सेवन वर्जित माना जाता है। साथ ही गेहूं तथा गाय के दूध से बनी खाद्य सामग्री का त्याग किया जाता है। इस अवसर पर अंकुरित अनाज एवं बेसन से बने पारंपरिक व्यंजनों का उपयोग किया जाता है। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने गौ-पूजन में भाग लेकर पर्व की परंपराओं का पालन किया तथा गौ-सेवा एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।

