खेती में सिचांई जल का कुशलतम उपयोग हेतु बूंद-बूंद सिचांई पद्धति उपयोगी
सोहनलाल वैष्णव. बोरुंदा (जोधपुर)
जिले के उपनिदेशक उद्यान डा.जीवनराम भाकर ने बुधवार को बोरुन्दा कृषि क्षेत्र उद्यानिकी कार्यों का निरीक्षण कर किसानों से कृषि उपयोगी चर्चा की।
उपनिदेशक उद्यान जोधपुर डा.जीवनराम भाकर ने सुक्ष्म सिचांई योजना की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुचें। इसे लेकर कृषि-उद्यान विभाग के अधिकारी ने मौके पर किसानों के खेतों पर दी इसकी उपयोगी जानकारी मौके पर किसानों से विस्तृत चर्चा की।
डा.भाकर ने कहा कि खेतीं में सिचांई जल का कुशलतम उपयोग के लिए आधुनिक संयत्रों का उपयोग करना महत्वपूर्ण है जैसे बुंद बुंद सिचांई पद्धति, फव्वारा व मिनि फव्वारा। सुक्ष्म सिचांई आधुनिक संयत्रों का उपयोग खेतीं में सिचांई जल का कुशलतम उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है। सुक्ष्म सिचांई के तहत् अधिक से अधिक फव्वारा, मिनी फव्वारा, ड्रीप इरीगेशन सिस्टम हेतु राज किसान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर किसान लाभ प्राप्त कर सकते है। सुक्ष्म सिचांई संयत्रों पर अनुदान आवेदन करने की प्रक्रिया को लेकर मौके पर किसानों के खेतों पर जाकर विस्तार से जानकारी।
वही प्रगतिशील किसान हनुमानसिंह राठौड़ ने बताया कि कृषि फार्म पर 34 बीघा में ड्रीप इरीगेशन सिस्टम स्थापित कर रखा है इस पद्धति से सिचांई जल का कुशलतम उपयोग का लाभ होता है। इस मौके पर अधिशाषी अभियंता तन्मय सेन, सहायक निदेशक उद्यान यूरी नायला चौधरी, कृषि अधिकारी उद्यान घनश्याम सिंह, सहायक कृषि अधिकारी रफीक अहमद कुरैशी, कृषि पर्यवेक्षक अकबर बोरुन्दिया, प्रगतिशील किसान हनुमानसिंह राठौड, ग्राम सेवा सहकारी समिति उपाध्यक्ष प्रकाश भंवरिया, शंकरराम भंवरिया, बुधाराम भाटी, धर्मवीरसिह राठौड, प्रकाश टाक, जाकीर हुसैन सहित कई किसान उपस्थित रहे।




