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Friday, July 10, 2026, 7:21 pm

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जोधपुर में पीएनजी गैस लाइनों से मंडरा रहा खतरा, हजारों जानें जा सकती है, दो साल में 10 बार फूटी लाइनें, दोषियों को नहीं मिली सजा, ना लगा जुर्माना

शहर बन सकता है श्मशान क्योंकि-

-75 हजार घरों तक पाइप लाइन के जरिए घरेलू गैस पहुंचाने की पीएनजी योजना खतरे की बायस बन गई है। नियम विरुद्ध बिछी है लाइनें, लापरवाही से फूटने पर कभी भी शहर श्मशान बन सकता है। आपराधिक तत्व जब चाहे शहर को तबाह कर सकते हैं। अभी से नहीं चेते और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो शहर में हो सकती है भारी तबाही, इस संबंध में सुरक्षा नीति बनाने की जरूरत, पर जिम्मेदार निजी स्वार्थों के चलते मौन है…

डीके पुरोहित. जोधपुर

जोधपुर की काजरी रोड पर खुदाई के दौरान शनिवार को गैस पाइप लाइन फूट गई। इससे गैस पाइप लाइन से गैस रिसाव की घटना हुई। प्रदाता कंपनी सीजीडी ने हालांकि गैस लीकेज बंद कर दिया, मगर इतना साफ है कि जोधपुर को बड़ी त्रासदी जैसी घटना के लिए तैयार रहना चाहिए। पिछले दो साल में करीब 10 बार गैस पाइप लाइन फूटी है और हर बार संयोगवश शहर तबाही से बचता रहा। मगर हर बार संयोग नहीं होता। खतरे का बायस बनी गैस पाइप लाइनें मौत का सौदागार बन सकती है। गौरतलब है कि शनिवार को काजरी रोड पर होटल नोवोटल के सामने JCB No RJ  19 EA 9374 द्वारा कार्य किया जा रहा था। दोपहर 1:15 बजे गैस पाइपलाइन को क्षति पहुंचा दी गई हालांकि घटना की सूचना मिलने पर सीजीडी इकाई के उत्तरदाता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और 12 मिनटों के भीतर घटना को नियंत्रित कर लिया।

मुख्य रूप से कब-कब फूटी गैस लाइनें 

12 मई 2023 : सालावास रोड पर इस्कॉन मंदिर के पास सड़क पर सोकपिट खुदाई के दौरान गैस पाइप लाइन टूट गई।

3 फरवरी 2024 : गैस पाइप लाइन टूटने से गैस रिसाव हो गई और चौपासनी और शास्त्री नगर में गैस सप्लाई बाधित हो गई।

8 अप्रैल 2024 : बासनी औद्योगिक क्षेत्र में खुदाई के दौरान लाइन क्षतिग्रस्त हो गई और गैस रिसाव हुआ।

10 मई 2024 : गैस लाइन फूटने से गैस रिसाव हुआ, पर कंपनी की सजगता से हादसा टला।

12 जून 2024 : शास्त्री नगर इलाके में गैस कनेक्शन खुदाई के दौरान टूट गया। मगर कंपनी ने तुरंत एक्शन लेकर हादसा टाला।

15 जून 2024 : काजरी रोड पर होटल नोवोटल के पास खुदाई के दौरान गैस लाइन टूटी।

दोषियों को न सजा हुई, ना ही जुर्माना लगा

कंपनी चाहे तो दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा सकती है और दोष सिद्ध होने पर 3 साल की जेल अथवा 25 करोड़ का जुर्माना लगाया जा सकता है। लेकिन पिछले दो साल में दस बार से अधिक समय गैस पाइप लाइन फूटने के बावजूद किसी भी दोषी को सजा नहीं हुई और ना ही जुर्माना लगाया गया।

कब तक दोषियों को बचाती रहेगी सीजीडी कंपनी

सीजीडी इकाई के अधिकारियों की सजगता से हालांकि हर बार की तरह शनिवार को भी गैस लीकेज रोक ली गई और हादसा टल गया। मगर हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि कभी भी गैस त्रासदी हो सकती है।

25 करोड़ के जुर्माने और 3 साल की सजा का प्रावधान 

लापरवाही से गैस कनेक्शन तोड़ने पर 3 साल की जेल और 25 करोड़ रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। मगर पिछले दो साल में किसी भी दोषी को 3 साल की सजा नहीं हुई और ना ही जुर्माना लगाया गया। इससे आए दिन लापरवाही होती जा रही है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शनिवार को हुए हादसे में सीजीडी इकाई द्वारा लगाए गए चेतावनी संकेतों के बावजूद, ठेकेदार और JCB ऑपरेटर ने खुदाई के दौरान ध्यान नहीं दिया जिससे गैस पाइपलाइन को नुकसान हुआ। गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने का उपरोक्त कृत्य स्पष्ट रूप से पेट्रोलियम और खनिज पाइपलाइन-PMP एक्ट (भूमि में उपयोगकर्ता के अधिकार का अधिग्रहण) अधिनियम, 1962 की धारा 15 (1) और (2) के साथ-साथ आईपीसी 285 और आईपीसी 336 के तहत अपराध का गठन करते हैं। जिसका उल्लंघन संज्ञेय अपराध हैं और रुपए 25 करोड़ तक का जुर्माना और 3 वर्ष के कारावास का प्रावधान है। सीजीडी इकाई ने अग्रिम कार्यवाही हेतु पुलिस कंप्लेंट दर्ज कर FIR का अनुरोध किया है। मगर कार्रवाई क्या होती है, इस पर गौर करने की जरूरत है। क्योंकि पिछले दो साल में किसी भी दोषी को न तो जेल हुई और ना ही जुर्माना लगाया गया।

क्लीन और ग्रीन शहर का सपना देखा, मगर लापरवाही मौत की नींद सुला सकती है 

75 हजार घरों तक पीएनजी गैस पहुंचाने की तैयारी है। कई औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों का रुझान भी प्राकृतिक गैस की तरफ हुआ है। भविष्य में जोधपुर प्रदेश का क्लीन और ग्रीन शहर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाएगा। देश में पिछले कुछ साल में घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी के कनेक्शन में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। अकेले जोधपुर में 51 हजार घरों से ज्यादा गैस पाइप लाइन पहुंच चुकी हैं। 75 हजार से ज्यादा घरों तक गैस पहुंचाने का लक्ष्य है। शहर में डोर टू डोर गैस कनेक्शन देने वाली कंपनी के मुताबिक पिछले करीब दो साल में करीब 40 फीसदी हिस्सा कवर किया है। शेष हिस्से को अगले डेढ़-दो साल में पूरे करने का लक्ष्य है। पीएनजी को एलपीजी के मुकाबले किफायती माना जा रहा है। साथ ही यह गैस पर्यावरण के लिए नुकसानदायक नहीं है। शहर के 60 से अधिक औद्योगिक और 35 से अधिक  वाणिज्यिक संस्थान भी प्राकृतिक गैस का उपयोग कर रहे हैं। 100 से ज्यादा संस्थान पंजीयन करा चुके हैं। इस साल कई और औद्योगिक संस्थान पीएनजी कनेक्शन लेंगे। इससे औद्योगिक इकाइयों में कोयले का उपयोग कम होगा, जो प्रदूषण को कम करने में मददगार साबित होगा। सांगरिया, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, कुड़ी भगतासनी, मधुबन, बासनी, विवेक विहार, प्रतापनगर, मसूरिया, भगत की कोठी, सूर्या कॉलोनी, पाल रोड, सालावास, रातानाडा और शास्त्रीनगर जैसे कई इलाकों में पाइप लाइन के जरिए गैस पहुंच गई है। प्रदेश में जोधपुर में सर्वाधिक पीएनजी कनेक्शन हुए हैं। हालांकि शहर को ग्रीन और क्लीन बनाने का सपना देखा गया है, मगर लापरवाही से मौत की नींद भी सुला सकता है।

पीएनजी गैस रिसाव से हो सकता है ब्लास्ट, आग लग सकती है 

विशेषज्ञ बताते हैं कि पीएनजी गैस रिसाव से ब्लास्ट हो सकता है और आग लग सकती है। 26 मई 2022 को दक्षिण दिल्ली इलाके के राजपुर खुद गांव में पीएनजी पाइप लाइन से रिसाव होने के कारण विस्फोट हो गया था और एक व्यक्ति घायल हो गया था। यह हादसा तीसरे तल पर हुआ था। ऐसे हादसे जोधपुर में भी हो सकते हैं। जबकि इसको लेकर किसी प्रकार की तैयारी नहीं है।

पीएनजी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से हजारों घरों में परेशानी खड़ी हो सकती है 

विशेषज्ञ बताते हैं कि पीएनजी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से हजारों घरों में परेशानी खड़ी हो सकती है। आगरा में खुदाई के दौरान 16 अक्टूबर 2021 को पीएनजी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी और 12 घंटे तक 8 हजार घरों में गैस सप्लाई बंद हो गई थी। ऐसे में जोधपुर में अगर ऐसे हादसों को नहीं रोका गया तो कभी भी गैस कनेक्शन धारियों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor