प्रत्येक मंजिल में 7 राउंड, 16 एंट्री गेट, इसमें 728 पक्षीघर
शिव वर्मा. जोधपुर
परिंदों के लिए अनूठा आशियाना बनाया गया है। पक्षियों के इस आशियाने के साथ ही एक चुण स्टेण्ड/चुग्गा घर भी बनाया गया है वहां पर ये पक्षी अपना पेट भर सकते है और फ्लैट में आकर आराम कर सकते हैं। यह पक्षीघर देखने में किसी बहुमंजिला जैसा दिखाई देता है।
विश्व स्तरीय गो चिकित्सालय, जोधपुर के अध्यक्ष कालुराम प्रजापत ने बताया कि इसकी लम्बाई लगभग 52 फुट है जिसमें 6 मंजिल बने हुए है और 1 टॉप फ्लोर है, बता दें कि पक्षी विहार के नाम से बनाए गए परिंदों के इस अनूठे आशियाने में प्रत्येक मंजिल पर पक्षियों के रहने की जगह है। प्रति मंजिल में 7 राउण्ड है और प्रति राउण्ड में 16 एन्ट्री गेट/ दरवाजे बने हुए है, इसमें कुल 728 पक्षीघर है जिसमें एक साथ में 1500 पक्षी रह सकते हैं।
गो चिकित्सालय एक ऐसा केन्द्र है जहां पर लोग अपने परिवार सहित पीड़ित गोवंश की चिकित्सा सेवा व वन्यजीवों की सेवा देखने आते है, इस दौरान वो पक्षियों के लिए चुग्गा लेकर आ सकते है। उसको कहीं सड़क या अन्य जगह पर नहीं डालकर उसको पक्षी घर में डाल सकते है।




