भारतीय समुदाय के नेता विजय भूटोरिया ने मेयर ‘बिल हेनेसी’ की ओर से कहानीकार रविदत्त मोहता को सम्मान प्रदान किया, जो हिंदी साहित्य के लिए शहर के मजबूत समर्थन और प्रशंसा का प्रतीक है।
राइजिंग भास्कर डॉट कॉम. ओ’फालोन सिटी, यूएसए
ओ’फालोन सिटी ने प्रतिष्ठित भारतीय लेखक रविदत्त मोहता की कहानियों के संग्रह “गुमशुदा का एक पता” के लॉन्च का जश्न चार्ल्स सिटी लाइब्रेरी में मनाया। यह भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आदान-प्रदान और साहित्यिक उपलब्धि का एक जीवंत उत्सव था, जो शहर की भारतीय विरासत और हिंदी साहित्य को अपनाने को रेखांकित करता था।
शहर के मेयर ‘बिल हेनेसी’ने रविदत्त मोहता को एक सार्वजनिक उद्घोषणा के साथ सम्मानित किया, हिंदी साहित्य में उनके महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता प्रदान की और भारतीय समुदाय के भीतर समृद्ध विविधता की प्रशंसा की। भारतीय समुदाय के नेता विजय भूटोरिया ने मेयर ‘बिल हेनेसी’ की ओर से कहानीकार रविदत्त मोहता को सम्मान प्रदान किया, जो हिंदी साहित्य के लिए शहर के मजबूत समर्थन और प्रशंसा का प्रतीक है।
उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में एसएमएसयू विश्वविद्यालय, सेंट लुइस के प्रोफेसर प्रदीप सिंह और हिंदीयूएसए के मयंक जैन और ऑनलाइन अतिथियों में शिकागो से गुरुबचन कौर, शिखा मेहता और इंडियाना से अंतरराष्ट्रीय हिंदी संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार ने मोहता की पुस्तक का ‘वर्ल्ड लाॅन्च’ किया। इस अवसर पर रविदत्त मोहता ने अपनी कहानियों पर बोलते हुए कहा कि उनकी कहानियां दरअसल टाइम ट्रेवल करती हैं। उनकी कहानियों के पात्र समय के उस पार से इस पार आकर अपनी बातें रखना चाहते हैं..मोहता ने कहा कि लेखक हमेशा टाइम ट्रेवल करता रहता है.. यह कथात्मक दृष्टिकोण ही एक भारतीय वैश्विक साहित्यिक परंपरा को विश्व साहित्य में पुनः संरक्षित कर सकता है। मोहता ने राजस्थान पत्रिका के गुलाब कोठारी को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत में आज भी कोठारी जैसे शब्द ऋषि अपनी समय यात्रा द्वारा पाठकों को जगा रहे हैं। वर्तमान में यूरोपीय और अमेरिकी लेखक भी इस यात्रा को अपनी लेखनी से कर रहे हैं।
सुश्री हर्षी भूटोरिया और शिखा मेहता ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया, पूरे उत्सव के दौरान एक जीवंत और आकर्षक माहौल बना रहा। रविदत्त मोहता ने शहर के मेयर ‘बिल हेनेसी’ का भारतीय हिंदी साहित्य को इतना मान देने पर उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया। लेखक ने अपनी यह पुस्तक अमेरिकन भारतवंशी और आचार्य महाप्रज्ञ प्रतिभा पुरस्कार से सम्मानित मित्र अजय भुटोरिया को समर्पित की है।







