संकरी गलियों में पानी के टैंकर भी नहीं आ सकते, लोग परेशान, जिम्मेदारों ने मुंह मोड़ा
जैसलमेर विधायक छोटूसिंह को समस्या बताने के बाद भी समाधान नहीं हुआ, मोहल्लेवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
कैलाश बिस्सा. जैसलमेर
जैसलमेर का वार्ड 25 जल संकट से ग्रस्त है। शुक्रवार को छह दिन बाद 15 मिनट के लिए पानी सप्लाई हुआ और नल चले गए। पानी पूरा भर ही नहीं पाए। इधर हालत यह है कि मोहल्ले में तीन-चार दिनों के अंतराल से नल आते हैं और वो भी थोड़ी देर के लिए। कई बार बिजली की आंख मिचौली चलती है और पानी भर नहीं पाते। बूस्टर लगाकर लोग पानी खींच लेते हैँ इसलिए ऊपर की मंजिल में पानी चढ़ नहीं पाता।
शुक्रवार से जलदाय विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं और अब आने वाले दिनों में पानी का संकट और गहराने वाला है। मोहल्ले की गलियां संकरी है और इस वजह से पानी के टैंकर आ नहीं पाते। इससे परेशानी बढ़ गई है। लोगों के पास कोई रास्ता नहीं है। हालत यह है कि अडोस पड़ोस से लोग पानी मांग कर काम चला रहे हैं। कई बार तो लोगों के यहां भी पानी का संकट हो जाता है और वे मदद नहीं कर पाते। जैसलमेर के इस मोहल्ले में जल संकट लंबे समय से चल रहा है। यह समस्या वार्ड 25 तक ही सीमित नहीं है, शहर के कई वार्डों और मोहल्लों में जल संकट व्याप्त है। जलदाय विभाग के अधिकारियों ने समस्या से मुंह मोड़ लिया है। कई बार शहरवासियों ने शिकायत की मगर उसका भी असर नहीं हुआ। जलदाय विभाग के अफसरों से बात करते हैं तो कहते हैं कि नहर में पानी नहीं है। इधर लोगों का आरोप है कि जलदाय विभाग के कार्मिक पानी के टैंकर अवैध रूप से बेच रहे हैं। भाजपा के विधायक छोटूसिंह को कहने के बाद भी पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव में शहरवासी जलसंकट से त्रस्त है।
मोहल्लेवासियों ने कहा- जलदाय विभाग का घेराव करेंगे
इधर मोहल्लेवासियों का कहना है कि विधायक छोटूसिंह भाटी को कहने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में लोगों ने जलदाय विभाग का घेराव करने का मानस बना लिया है। लोगों का कहना है कि दो दिन में पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ और नियमित पानी नहीं मिला और उचित समय तक नहीं मिला तो जलदाय विभाग के खिलाफ आंदोलन करेंगे। उन्होंने विधायक के प्रति नाराजगी जताई और कहा कि भाजपा सरकार के राज में लोगों को पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। जब देखो बिजली कटौती हो जाती है और ऐसे में पानी का संकट और गहरा जाता है। पानी और बिजली के मुद्दे पर शहर परेशान है। कोई सुनने वाला नहीं है। पूरा शहर इस समस्या से परेशान है। विभागीय अफसर कुंभकरणीय नींद में है और जनप्रतिनिधि उपेक्षा कर रहे हैं।



