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Sunday, August 23, 2026, 8:50 am

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माता भगवती देवी की साधना को किया नमन…जन्म शताब्दी वर्ष एवं अखंड दी ज्योत के शताब्दी वर्ष पर कार्यकर्ता सम्मानित

युग संगीत गायन के साथ पौथे वितरित, अखिल विश्व गायत्री परिवार, गायत्री शक्ति पीठ जोधपुर, नव चेतना केन्द्र महिला मंडल शाखा कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड बासनी के के तत्वावधान में गांधी शांति प्रतिष्ठान में हुआ आयोजन

राखी पुरोहित. पंकज जांगिड़. जोधपुर

8302316074 rakhipurohit066@gmail.com

अखिल विश्व गायत्री परिवार, गायत्री शक्तिपीठ जोधपुर के तत्वावधान में नव चेतना केन्द्र महिला मंडल शाखा कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड, बासनी की ओर से रेजिडेंसी रोड स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान सभागार में कार्यक्रम आयोजित हुआ। माता भगवती देवी के जन्म शताब्दी वर्ष और अखंड दीप ज्योति के शताब्दी वर्ष समाारोह में  बतौर अतिथि कुंती देवड़ा, रागिनी कच्छवाह, जयश्री वाजपेयी, शैल माहेश्वरी, रेनू ठाकुर, सुरेश शर्मा, जसवीर सिंह, नेमाराम परिहार मौजूद थे।

कार्यक्रम संयोजक एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार की कार्यकर्ता एवं ट्रस्टी बसंती चौहान ने बताया कि इस उपलक्ष्य में युग संगीत गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम स्थान दरियाव देवी, द्वितीय स्थान कांता बेरवा और तृतीय स्थान नीरज यादव ने प्राप्त किया। विजेताओं को मोमेंटो और प्रोत्साहन स्वरूप धनराशि प्रदान की गई। प्रोत्साहन स्वरूप अन्य 17 प्रतिभागियों को युग संगीत गायन सम्मान से सम्मानित किया गया तथा जिन्होंने ऑनलाइन प्रतियोगिता में भाग लिया उनको सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।

साधना और समर्पण का कार्य जारी रहेगा, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प 

जोधपुर गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक जसवीर सिंह ने कहा कि युवाओं द्वारा वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया और उनके कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। महापौर कुंती देवड़ा ने कहा कि गायत्री परिवार समाज में भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार एवं युवाओं को दिशा दिखाने का कार्य कर रहा है। अतिथि के रूप में उद्बोधन देते हुए रागिनी कच्छवाह ने कहा कि बचपन में जो संस्कार दिए जाते हैं वही वृक्ष बनकर फल देने का काम करते हैं। अतः बच्चों में प्रारंभ से ही श्रेष्ठ संस्कार सिखाए जाने चाहिए। जयश्री वाजपेयी ने वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना समझदारी से करने की बात कही।

संगीत भाव संवेदना जगाने का श्रेष्ठ साधन : शैल माहेश्वरी

शैल माहेश्वरी ने संगीत को भाव संवेदना जगाने का श्रेष्ठ साधन बताया। सुरेश शर्मा ने ऐसे आयोजन समय-समय पर होते रहे, तरु वितरण हो, उनका संरक्षण हो, संगीत के माध्यम से विचारों का पोषण हो और वरिष्ठजनोंं का सम्मान परिवार में बना रहे इस हेतु युवाओं को आदर्श बनाने की बात कही। रेणु ठाकुर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ वर्तमान समय में महिलाएं अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए समाज सेवा में संलग्न हो। सैकड़ो कार्यकर्ताओं का सम्मान एवं पौध वितरण के साथ कार्यक्रम के अंत में शिवचरण चतुर्वेदी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि गायत्री परिवार में यह अनूठा और प्रथम कार्यक्रम है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor