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Sunday, August 23, 2026, 7:16 am

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अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर अनिल भारद्वाज की कविता

अटल तुम्हारी जय हो

अजर अमर हे अटल तुम्हारी जय हो।
भारत मां की शान तुम्हारी जय हो।

राष्ट्रभाषा की सुगंध से,
तुमने दुनिया को महकाया।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर,
हिंदी का परचम लहराया।

हिंदी के तूफान तुम्हारी जय हो।
अजर अमर हे अटल तुम्हारी जय हो।

भारत माता पूछ रही है,
तुम सा लाल कहां से लाए,
तुम जैसे अनमोल रतन को,
फिर से भारत रत्न दिलाए।

हंसमुख व्यक्ति महान तुम्हारी जय हो।
अजर अमर हे अटल तुम्हारी जय हो

तुम तो एक अजातशत्रु थे,
दुश्मन के भी अटल मित्र थे।
अद्भुत और प्रखर वक्ता थे,
राजनीति के वृत्तचित्र थे।

रणनीतिज्ञ महान तुम्हारी जय हो।
अजर अमर हे अटल तुम्हारी जय हो।

जन जन के जननायक थे तुम,
राष्ट्रभक्ति के गायक थे तुम।
भारत मां के वरदपुत्र तुम,
नीलकमल गीतों के थे तुम।

भारत की पहचान तुम्हारी जय हो।
अजर अमर हे अटल तुम्हारी जय हो।

-गीतकार अनिल भारद्वाज एडवोकेट उच्च न्यायालय पीठ ग्वालियर मध्यप्रदेश

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor