Explore

Search

Sunday, August 23, 2026, 5:26 am

Sunday, August 23, 2026, 5:26 am

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

बिजली कनेक्शन को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, कोर्ट ने कहा- …हर परिवार का हक

केडी इसरानी. जयपुर 

राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में रह रहे याचिकाकर्ता परिवारों को स्वतंत्र विद्युत कनेक्शन नहीं देने को संविधान के अनुच्छेद-21 के विपरीत माना है। कोर्ट ने ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में डवलपर को सिंगल पाइंट विद्युत कनेक्शन देने के प्रावधान के बावजूद याचिकाकर्ता परिवारों को स्वतंत्र विद्युत कनेक्शन का हक दिलाया है।

कोर्ट ने जयपुर डिस्कॉम को निर्देश दिया कि सभी पात्र याचिकाकर्ताओं को औपचारिकताएं पूरी कर दो महीने में बिजली कनेक्शन जारी किए जाएं। न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह और न्यायाधीश रवि चिरानिया की खंडपीठ ने जनक सिंह हाडा व अन्य की याचिकाओं को निस्तारित करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि विद्युत कंपनी डेवलपर की सुविधा या इच्छा पर निर्भर नहीं है। ऐसे में जयपुर विद्युत वितरण निगम (जेवीवीएनएल) का याचिकाकर्ताओं को स्वतंत्र कनेक्शन देने से इनकार करना न केवल मनमाना है, बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन है।

10 साल से कनेक्शन से वंचित:

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता भुवनेश कुमार गोयल और श्रुति गोयल ने बताया कि वे जयपुर की वाटिका इंफोटेक सिटी स्थित ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में रहते हैं। उन्हें डवलपर को सिंगल पाइंट कनेक्शन के प्रावधान के कारण पिछले 10 वर्षों से स्वतंत्र विद्युत कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। पानी और बिजली जीवन के लिए आवश्यक हैं। ऐसे में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में सिंगल पाइंट विद्युत कनेक्शन का प्रावधान अनुच्छेद-21 के विपरीत है।

डिस्कॉम की आपत्ति खारिज:

जयपुर डिस्कॉम की ओर से अधिवक्ता सर्वेश जैन ने कहा कि डवलपर ने विद्युत कनेक्शन के लिए पर्याप्त आधारभूत ढांचा उपलब्ध नहीं कराया है, इसलिए कनेक्शन जारी नहीं किया जा सकता। इस पर कोर्ट ने कहा कि कोई भी प्रावधान बिजली कनेक्शन से बाधा नहीं बन सकता। हर पात्र परिवार को उसकी आवश्यकता के अनुरूप विद्युत कनेक्शन मिलना चाहिए।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor