Explore

Search

Sunday, August 23, 2026, 5:13 am

Sunday, August 23, 2026, 5:13 am

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

उफ्फ ये गर्मी!… पशु-पक्षियों की प्यास बुझाने शुरू किया कुंडियां लगाने का अभियान

मानवता और सेवा भाव से प्रेरित यह अभियान पिछले कई वर्षों से लगातार जारी है। इस सेवा कार्य में सीमा भंसाली के परिवार का भी पूरा सहयोग मिलता है। उनके बेटे ने इस पहल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे बड़ी संख्या में लोग इस नेक कार्य से जुड़ने लगे और समाज से भरपूर समर्थन मिला।

राखी पुरोहित. जोधपुर 

भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में जहां इंसान परेशान हो जाता है, वहीं बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए यह समय और भी कठिन हो जाता है। उनकी इसी पीड़ा को महसूस करते हुए जोधपुर के पावटा निवासी सीमा भंसाली ने बेजुबान जानवरों के लिए पानी की कुंडियां लगाने का एक सराहनीय और मानवीय अभियान शुरू किया।

मानवता और सेवा भाव से प्रेरित यह अभियान पिछले कई वर्षों से लगातार जारी है। इस सेवा कार्य में सीमा भंसाली के परिवार का भी पूरा सहयोग मिलता है। उनके बेटे ने इस पहल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे बड़ी संख्या में लोग इस नेक कार्य से जुड़ने लगे और समाज से भरपूर समर्थन मिला।

पति के जन्मदिन पर लिया सेवा का संकल्प

सीमा भंसाली बताती हैं कि इस अभियान की शुरुआत 19 मार्च 2019 को उनके पति अभिषेक भंसाली के जन्मदिन के अवसर पर एक संकल्प के साथ हुई थी। उस दिन उन्होंने 20 पानी की कुंडियां लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन लोगों के सहयोग और उत्साह के कारण यह पहल धीरे-धीरे एक बड़े जनसेवा अभियान में बदल गई।

अपने बेटे ईशान भंसाली और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को ये कुंडियां उपलब्ध करवाईं और उनसे आग्रह किया कि वे नियमित रूप से इनमें पानी भरकर आसपास के बेजुबान पशु-पक्षियों की प्यास बुझाने में योगदान दें।

अब तक 8000 से अधिक कुंडियां वितरित

इस जनहितकारी अभियान के अंतर्गत अब तक लगभग 8000 सीमेंट की पानी की कुंडियां शहर के विभिन्न इलाकों में वितरित की जा चुकी हैं। कई लोग स्वयं आकर कुंडियां लेकर जाते हैं, जबकि जो लोग नहीं आ पाते, उनके लिए कुंडियां घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाती है।

इन कुंडियों को विशेष रूप से ऑर्डर देकर तैयार कराया जाता है, जिन्हें बनवाने में लगभग 10 से 15 दिन का समय लगता है। जब कुंडियों का स्टॉक कम होने लगता है, तो समय रहते नया ऑर्डर दे दिया जाता है ताकि सेवा का यह क्रम बिना रुके चलता रहे।

बेटे के वीडियो से लोगों को मिली प्रेरणा

सीमा भंसाली बताती हैं कि इस अभियान को गति देने में उनके बेटे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बेटे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के स्ट्रीट डॉग और अन्य बेजुबान जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करें। इस वीडियो में संपर्क नंबर भी साझा किए गए, जिसके बाद कई लोगों ने स्वयं आगे बढ़कर इस सेवा अभियान से जुड़ने की इच्छा जताई।

परिवार बना इस सेवा का मजबूत आधार

इस अभियान में सीमा भंसाली के सास-ससुर अर्जुन राज भंसाली और सरला भंसाली भी निरंतर सहयोग दे रहे हैं। वे इस सेवा कार्य की प्रगति पर ध्यान रखते हैं और समय-समय पर आवश्यक व्यवस्थाओं में मदद करते हैं। सीमा भंसाली का मानना है कि भीषण गर्मी में अगर एक छोटा-सा प्रयास भी किसी बेजुबान जीव की प्यास बुझा सके, तो इससे बड़ी सेवा और संतोष की बात नहीं हो सकती। उनका उद्देश्य है कि गर्मी के मौसम में कोई भी पशु-पक्षी प्यास से व्याकुल न रहे।

कुंडियां प्राप्त करने के लिए संपर्क करें : 

सीमा भंसाली :  9461850499
ईशान भंसाली :  7300454443
Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor