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Sunday, August 23, 2026, 5:22 am

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Lifestyle

जीवन में सफलता के लिए मेहनत के साथ ऊंची सोच भी जरूरी : श्री आनंद राठी

नंदकिशोर राठी मेडिकल एंड एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट का चौथा छात्रवृत्ति वितरण एवं प्रधानाचार्य सम्मान समारोह संपन्न

दिलीप कुमार पुरोहित. राखी पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

 

नंदकिशोर राठी मेडिकल एंड एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रातानाडा स्थित माहेश्वरी जनोपयोगी भवन में 12वीं क्लास के टॉपर विद्यार्थियों का चौथा छात्रवृत्ति वितरण समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 88 छात्रों और 55 छात्राओं और कुल 143 स्टूडेंट्स को 11,111 रुपए की छात्रवृत्ति, प्रशस्ति पत्र और गोल्ड कॉइन दिया गया। साथ 90 प्रधानाचार्यों को भी शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व अध्यक्ष सीए गोल्ड मेडलिस्ट श्री आनंद राठी ने बच्चों को आशीर्वचन दिया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए दो बातें याद रखें। परस्पेक्टिव यानी आपकी सोच ही आपको आगे बढ़ाती है। सोच के बाद  परसिवियरेंस यानी आपकी मेहनत और आपका पसीना आपको सफल बनाता है। मेहनत का योगदान सफलता में 99 प्रतिशत है और सोच का योगदान 1 प्रतिशत है। 

आप जब तक कोई गोल निर्धारित नहीं करेंगे, कोई सोच नहीं रखेंगे जीवन में आगे नहीं बढ़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए बहुत उपाय है। आज देश प्रगति रहा है। आप लोग बड़े भाग्यशाली हैं। क्योंकि आप सहीं समय और सही जगह जन्में हैं। शायद हम लोगों के समय इतने अवसर नहीं थे। आप जिस फील्ड में जाना चाहें जा सकते हैं। आपको चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना है, आपको लॉयर बनना है, आपको डॉक्टर बनना है, जरूर कोशिश कीजिए। किसी न किसी प्रोफेशनल कोर्स के लिए आप मेहनत करें। होनहार बच्चों के आगे बढ़ने के लिए कोई रुकावट नहीं हैं।

आपकी सफलता में माता-पिता और गुरुजनों का भी योगदान कम नहीं

श्री आनंद राठी ने कहा कि आपकी सफलता में आपके माता-पिता का योगदान कम नहीं है। ईश्वर को हमने नहीं देखा पर माता-पिता ही धरती पर ईश्वर का दूसरा रूप है। वे आपको देख रहे हैं, उनके आशीर्वाद से ही आप आगे बढ़ रहे हैं। श्री राठी ने कहा कि बिना अच्छे गुरु के भी आगे नहीं बढ़ सकते, इसलिए गुरु का हमेशा आदर कीजिए।

आज सुअवसर है कि  गोविंद, ओम और अजय भी विराजमान है

आरंभ में श्री आनंद राठी ने बच्चों और उनके साथ आए टीचर्स और अभिभावकों का स्वागत किया और बच्चों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज सुअवसर है कि गोविंद भी हैं, ओम  भी हैं और अजय भी विराजमान हैं। 

स्वस्थ रहो, व्यस्त रहो और मस्त रहो 

कार्यक्रम में श्री आनंद राठी ने बच्चों से कहा कि सबसे पहला सुख निरोगी काया है। इसलिए इस बात का ध्यान रखो कि स्वस्थ रहो। साथ ही मैं कहना चाहूंगा कि अपने आपको व्यस्त रखो। यानी स्वस्थ रहो, व्यस्त रहो और मस्त रहो। यह तीन बातें जीवन में जरूरी है। 

शिक्षा के बिना किसी भी राष्ट्र का विकास संभव नहीं : श्री गोविद सहाय शुक्ला

कार्यक्रम के विशेष अतिथि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति श्री गोविंद सहाय शुक्ला ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास में शिक्षा महत्वपूर्ण है। शिक्षा के बल पर ही भारत विश्व गुरु था। भगवान कृष्ण ने कहा कि ज्ञान से बढ़कर कोई हो नहीं सकता। उन्होंने कहा कि आज जिस मंच से हम बोल रहे हैं, आने वाले समय में बच्चे ऐसे ही मंच से संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत सोने की चिड़िया था। इसका कारण था कि हम दुनिया में शिक्षा के क्षेत्र में सबसे आगे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हम प्रणाम करते हैं तो बड़े बुजुर्ग आशीर्वाद देते हैं कि सौ वर्ष जियो। यह आशीर्वाद भारत के ज्ञान में निहित है। वेदों में भी सौ वर्ष तक जीने की परिकल्पना है और वर्णन है। सौ वर्ष तक जीना भारतीय चिकित्सा प्रणाली की साइंटिफिक बात है।

सपने हमेशा बड़े देखें : श्री अजय कुमार शर्मा

एमबीएम विवि के कुलपति श्री अजय कुमार शर्मा ने कहा कि बच्चों सपने हमेशा बड़े देखें। सपने छोटे नहीं देखें। सोच बड़ी होगी तो हमेशा आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति मिलना इतना असान नहीं है। आपने जिस मेहनत के साथ टॉप किया है उसी का नतीजा है कि आपको आज छात्रवृत्ति मिल रही है। सवाल राशि का नहीं है। सवाल आपके जज्बे का है। उन्होंने कहा कि दुनिया बहुत छोटी है। मेरे को याद आता है कि मेरी बहन भी श्री आनंद राठी की क्लाइंट रही है। मैंने सोचा नहीं था कि मैंने जिनका बड़ा नाम सुना था उनसे कभी मुलाकात भी होगी। आज यह मुलाकात करके बड़ी प्रसन्नता हुई।   

धन की तीन दशा होती है दान, भोग और नाश : श्री ओमसिंह राजपुरोहित

सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी श्री ओमसिंह राजपुरोहित ने कहा कि धन की तीन दशा होती है-दान, भोग और नाश। हमारा नीति शास्त्र कहता है कि आपके पास धन है तो उसका दान कीजिए। आज राठी परिवार अपने खून-पसीने की कमाई राशि को चैरिटी में खर्च कर रहा है। यह धन की सर्वश्रेष्ठ गति है। अगर किसी से दान नहीं होता है तो हमारा शास्त्र कहता है कि उसका उपभोग करो, अपने लिए खर्च करो। और अगर कोई धन का इन दोनों में उपयोग नहीं करता है तो धन की तीसरी गति होती है नाश। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन में कितना भी आगे बढ़ें मातृभूमि, समाज और परिवार का ऋण नहीं भूलें। आप चाहें आईआईएम करें, चाहे आईआईटी करें चाहें मेडिकल की पढ़ाई करें, अपने ही देश में रहकर अपने देश, समाज और परिवार की उन्नति के लिए कार्य करें।

विकट परिस्थितियों के बावजूद सरकारी स्कूलों की प्रतिभाएं टॉप करती हैं : श्री सौरभ राठी

आरंभ में सुरेश राठी ग्रुप के डायरेक्टर श्री सौरभ राठी ने अतिथियों का स्वागत किया और ट्रस्ट की गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह यह हमारा हमारा चौथा एडिशन है। आज माहेश्वरी भवन शिक्षा के क्षेत्र में ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है। श्री राठी ने कहा कि बच्चों आपने सरकारी स्कूलों में विकट परिस्थितियों में पढ़ते हुए टॉप किया है। इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं और आपको अपनी सफलता के लिए तालियां बजानी चाहिए। उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थितियों का सांगोपांग वर्णन करते हुए कहा कि हमारे बच्चे बड़े ही मुश्किलों में पढ़ते हैं, मगर यह उनका जज्बा ही है कि अव्वल आकर दिखाते हैं। हमारा ट्रस्ट ऐसे होनहार बच्चों के साथ है और आज का यह आयोजन उसी दिशा में एक प्रयास है।  

गरिमामय माहौल में हुआ छात्रवृत्ति वितरण और प्रधानाचार्यों का सम्मान 

गरिमामय माहौल में छात्रवृत्ति वितरण और प्रधानाचार्यों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों श्री आनंद राठी, श्री गोविंद सहाय शुक्ला, श्री अजय कुमार शर्मा, श्री ओम सिंह राजपुरोहित और श्री सौरभ राठी के अलावा बारी-बारी से समाजसेवी श्री सुरेश राठी, श्रीमती शशि राठी और राठी परिवार के सदस्यों श्री मदनलाल मूंदड़ा, श्रीमती फूलकौर मूंदड़ा, श्रीमती वर्षा राठी, श्रीमती सुरभि राठी मोहता ने छात्रवृत्ति वितरित की और प्रधानाचार्यों का सम्मान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन तेज बहादुर माथुर और दीपा अरोड़ा ने किया। कार्यक्रम के अंत में लक्की ड्रॉ के तहत हिमांशु और रवीना को कंप्यूटर उपहार में दिया गया। साथ ही साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स, एग्रीकल्चर और संस्कृत विषयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले टॉपर्स को भी कंप्यूटर भेंट किए गए। कार्यक्रम में शहर के शिक्षाविद, बिजनेसमैन, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक, स्टूडेंट्स के साथ उनके टीचर्स, प्रिंसिपल और अभिभावक भी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में दीपा अरोड़ा ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम की सफलता में सुरेश राठी ग्रुप की टीम का योगदान सराहनीय रहा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor