सदगुरु की शिक्षाओं पर चलकर जीवन को सार्थक बनाएं और समाज में प्रेम एवं सद्भाव बढ़ाएं : महंत सत्यराम दास
पंकज जांगिड़. जोधपुर
भक्तिकालीन निर्गुणधारा के आधार स्तंभ ब्रह्मर्षि संत प्रवर श्री दादूदयाल महाराज के 423वें महानिर्वाण दिवस पर चांदणा भाकर, ज्योति नगर स्थित दादूकुूटिया द्वितीय आश्रम में महंत सत्यराम दास, महंत राजेन्द्र दास, महंत अमर दास, महंत डा. रुपचंद दास, साध्वी भगवती बाई, संत गोपाल दास के सान्निध्य में संत-समागम, सत्संग व संत प्रसादी का आयोजन हुआ। संतो ने कहा कि सदगुरु की शिक्षाओं पर चलकर जीवन को सार्थक बनाएं और समाज में प्रेम एवं सद्भाव बढ़ाएं।
इस दौरान सत्संगी प्रदीप सिंह सोलंकी, धीरज लौहार, प्रेम भार्गव, मोहित सेन, नरपत सिंह गौड आदि ने संतवाणी की प्रस्तुति दी। इस मौके विक्रम सिंह राठौड़, नरेंद्र सिंह चौहान, मोहन सिंह सोलंकी, श्रवण सिंह जोधा, कालू सिंह सोलंकी, श्याम सिंह सोढा, किशन सिंह और रूपराम सहित मातृशक्ति, क्षेत्रवासी और अनेक श्रद्धालु शामिल हुए।


