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Friday, August 21, 2026, 1:09 am

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Lifestyle

शिक्षकों के लिए आस्था, आनंद और पर्यटन का संगम

श्री माधव सेवा समिति की ओर से 65 टीचर्स पुष्कर तीर्थ यात्रा पर जाएंगे; सुरेश जी राठी के सौजन्य से यात्रा में भोजन-जलपान की व्यवस्था

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

जोधपुर। श्री माधव सेवा समिति जोधपुर की ओर से शिक्षकों के लिए एक विशेष तीर्थ एवं पर्यटन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। समिति से जुड़े 65 शिक्षक 21 अगस्त की सुबह बस से पुष्कर तीर्थ यात्रा के लिए रवाना होंगे। इस यात्रा का उद्देश्य शिक्षकों को धार्मिक आस्था के साथ राजस्थान के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों से परिचित कराने के साथ उन्हें आपसी मेलजोल और आनंद के कुछ सुखद पल उपलब्ध कराना है।

समिति के सह सचिव बाली सिंह ने बताया कि इस पूरे भ्रमण का आयोजन वरिष्ठ समाजसेवी श्री सुरेश जी राठी के सौजन्य से किया जा रहा है। शिक्षकों के लिए यह यात्रा केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एक सकारात्मक पहल है।

चाय से डिनर तक भोजन की पूरी व्यवस्था

यात्रा में शामिल सभी प्रतिभागियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। श्री सुरेश जी राठी के सौजन्य से यात्रा के दौरान प्रतिभागियों के लिए चाय, नाश्ता, लंच और डिनर की व्यवस्था की जाएगी। इससे यात्रियों को भ्रमण के दौरान खान-पान की चिंता से राहत मिलेगी और वे पूरे उत्साह के साथ विभिन्न दर्शनीय एवं धार्मिक स्थलों का आनंद ले सकेंगे।

समिति की ओर से प्रयास रहेगा कि यात्रा व्यवस्थित और सुविधाजनक रहे तथा सभी प्रतिभागी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रमुख स्थलों का भ्रमण कर सकें।

पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर में दर्शन

यात्रा के दौरान शिक्षक पुष्कर पहुंचेंगे, जहां धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र ब्रह्मा मंदिर के दर्शन किए जाएंगे। पुष्कर राजस्थान ही नहीं, देशभर में अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है। यहां पवित्र पुष्कर सरोवर और ब्रह्मा मंदिर श्रद्धालुओं के प्रमुख आकर्षण हैं।

शिक्षकों के लिए ब्रह्मा मंदिर के दर्शन यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव रहेगा। धार्मिक वातावरण में कुछ समय बिताने के साथ प्रतिभागी पुष्कर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी करीब से जान सकेंगे।

किशनगढ़ का ‘स्वीट्जरलैंड’ भी आकर्षण का केंद्र

यात्रा में किशनगढ़ स्वीट्जरलैंड का भ्रमण भी प्रस्तावित है। किशनगढ़ क्षेत्र का यह प्राकृतिक स्थल अपनी खूबसूरत तस्वीरों और आकर्षक परिवेश के कारण पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। यहां शिक्षक प्रकृति के सुंदर नजारों का आनंद लेने के साथ यादगार पलों को कैमरे में कैद कर सकेंगे।

इसके अलावा यात्रा के दौरान सावित्री मंदिर और अन्य प्रमुख स्थलों का भी भ्रमण किया जाएगा। इस तरह धार्मिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक एवं दर्शनीय स्थलों को यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

शिक्षकों के लिए मनोरंजन और आपसी संवाद का अवसर

व्यस्त शैक्षणिक जिम्मेदारियों के बीच शिक्षकों को इस तरह की यात्रा अपने सहकर्मियों के साथ समय बिताने और आपसी संवाद बढ़ाने का अवसर देती है। बस यात्रा के दौरान शिक्षक आपस में अनुभव साझा कर सकेंगे और रोजमर्रा की व्यस्तता से अलग कुछ समय आनंद और उत्साह के साथ बिता सकेंगे।

श्री माधव सेवा समिति का यह प्रयास सामाजिक सहभागिता और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बाली सिंह ने जताया आभार

समिति के सह सचिव बाली सिंह ने इस विशेष यात्रा के आयोजन में सहयोग के लिए वरिष्ठ समाजसेवी श्री सुरेश जी राठी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए इस प्रकार की यात्रा आयोजित करना और उनके भोजन एवं जलपान की व्यवस्था में सहयोग करना सराहनीय सामाजिक पहल है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि यात्रा में शामिल सभी शिक्षक उत्साहपूर्वक इसमें भाग लेंगे और पुष्कर सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का आनंद लेते हुए सुखद यादें लेकर लौटेंगे।

सेवा, सम्मान और साथ का संदेश

श्री माधव सेवा समिति की यह पहल शिक्षकों के सम्मान और उनके साथ सकारात्मक संवाद का संदेश देती है। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर जिम्मेदारी निभाने वाले शिक्षकों को एक दिन प्रकृति, आस्था और पर्यटन के बीच बिताने का अवसर मिलना निश्चित रूप से उनके लिए सुखद अनुभव होगा।

21 अगस्त की यह यात्रा धार्मिक आस्था, पर्यटन, प्रकृति और सामाजिक सहयोग का सुंदर संगम बनने की उम्मीद है। समिति का प्रयास है कि सभी प्रतिभागी सुरक्षित, आनंदपूर्ण और यादगार यात्रा का अनुभव लेकर लौटें।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor