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Monday, October 26, 2026, 7:29 am

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राहत: एमडीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में बढ़ेगी क्षमता, 10 करोड़ रुपये से बनेगी दो मंजिलें

जोधपुर में गंभीर मरीजों को मिलेगा बेहतर उपचार, 15 नए बेड और दो मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर की मिलेगी सुविधा

जोधपुर। सड़क हादसों और अन्य आपात स्थितियों में गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मथुरादास माथुर अस्पताल (एमडीएमएच) के ट्रॉमा सेंटर का विस्तार किया जाएगा। बजट घोषणा 2026 के तहत करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से ट्रॉमा सेंटर की दो नई मंजिलें बनाई जाएंगी। इस विस्तार से अस्पताल में भर्ती मरीजों की क्षमता बढ़ेगी और गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

दो नई मंजिलों से बढ़ेंगी सुविधाएं

प्रस्तावित योजना के तहत ट्रॉमा सेंटर की तीसरी और चौथी मंजिल का निर्माण किया जाएगा। इन मंजिलों पर मरीजों के उपचार और भर्ती के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। विस्तार के बाद अस्पताल में ऑपरेशन, गहन उपचार और गंभीर मरीजों की देखभाल से जुड़ी सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

योजना में दो मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 15 नए बेड वाले आईसीयू और मरीजों की भर्ती के लिए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था शामिल है। इससे दुर्घटनाओं में घायल मरीजों के साथ अन्य गंभीर रोगियों को भी राहत मिल सकती है।

भर्ती क्षमता में होगा इजाफा

ट्रॉमा सेंटर में वर्तमान में आईसीयू की क्षमता 15 बेड बताई गई है। विस्तार के तहत 15 नए बेड जुड़ने से आईसीयू की कुल क्षमता 30 बेड हो जाएगी। इसके अलावा भर्ती मरीजों के लिए 60 बेड की व्यवस्था प्रस्तावित है। इनमें पुरुषों और महिलाओं के लिए 30-30 बेड निर्धारित किए जाएंगे।

बेड की संख्या बढ़ने से गंभीर मरीजों को भर्ती करने में सुविधा होगी। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल की क्षमता में भी वृद्धि होगी।

प्रतिदिन 200 से 250 मरीज पहुंचते हैं

एमडीएम अस्पताल का ट्रॉमा सेंटर सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में घायल होने वाले मरीजों के उपचार का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां प्रतिदिन लगभग 200 से 250 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें कई मरीज गंभीर अवस्था में होते हैं, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता और विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता होती है।

ऐसे में ट्रॉमा सेंटर का विस्तार होने से मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। अतिरिक्त बेड और ऑपरेशन थिएटर उपलब्ध होने से उपचार व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है।

गंभीर मरीजों को मिलेगी राहत

ट्रॉमा सेंटर में अतिरिक्त आईसीयू बेड, ऑपरेशन थिएटर और भर्ती सुविधाएं विकसित होने से गंभीर मरीजों के उपचार की व्यवस्था मजबूत होगी। सड़क हादसों में घायल होने वाले मरीजों को समय पर उपचार देना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अस्पताल की क्षमता बढ़ने से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लाभ मिल सकता है।

विशेषज्ञ सुविधाओं और बेहतर आधारभूत ढांचे के विकास से मरीजों को उपचार के लिए अन्य अस्पतालों पर निर्भर रहने की आवश्यकता भी कम हो सकती है।

बजट घोषणा से चिकित्सा सुविधाओं को मजबूती

बजट घोषणा 2026 के तहत प्रस्तावित यह विस्तार जोधपुर की चिकित्सा सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली दो मंजिलों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विकास किया जाएगा। ट्रॉमा सेंटर के विस्तार से न केवल मरीजों की भर्ती क्षमता बढ़ेगी, बल्कि गंभीर रोगियों के उपचार के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध होंगे। परियोजना पूरी होने के बाद एमडीएम अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor