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Sunday, August 23, 2026, 8:43 am

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खेती में नवाचार अपनाकर पौधशाला से एक लाख पौधों की बिक्री

कृषि विभाग आत्मा से जिला स्तर पर पुरस्कार मिला

सोहनलाल वैष्णव. बोरुन्दा (जोधपुर)

उपखंड भोपालगढ़ क्षेत्र के ग्राम पालड़ी राणावता के प्रगतिशील किसान सीताराम सेंगवा ने एक पौधशाला तैयार कर अब तक एक लाख पौधौं की बिक्री।

प्रगतिशील किसान सीताराम सेंगवा ने बताया कि काजरी जोधपुर तथा उद्यान विभाग से पौधे तैयार करने, मशाला खेतीं की उन्नत तकनीकी से खेतीं आय का लाभ मिला। कृषि-उद्यान विभाग से विभिन्न प्रकार की कृषि उन्नत तकनीकी का लाभ भी मिला जिससे सबसे पहले सेंगवा ने खेत में चार हेक्टर में ड्रिप इरीगेंशन सिस्टम को अपनाया ताकी खेतीं सिचांई जल की बचत हो। फिर 12×8 मीटर पौधशाला शैडनेट वित्तीय सहायता से खेत में एक किसान समूह तैयार कर स्थापित किया। उद्यानिकी विभाग एवं काजरी से उन्नत तकनीक से पौधे तैयार करने की तकनीकी का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्तमान में विभिन्न प्रकार के फलदार, वांनिकी एवं सब्जियों की पौध तैयार कर रहा है।पौधशाला से अब तक एक लाख पौधों की बिक्री की। काजरी से उन्नत तकनीकी से देशी खेजड़ी से कलम द्वारा थारशोभा खेजड़ी तैयार की। थारशोभा खेजड़ी की खासियत है कि इसमे कांटे नहीं होते हैं दूसरे साल में ही अच्छी सांगरी का उत्पादन प्राप्त होता है। पशुचारा (लूंग) का अच्छा उत्पादन मिलता है। यह तकनीक उसने काजरी से प्राप्त की।फलदार पौधों में नींबू, गुंदा, आंवला, ताइवान पपीता, बेर तथा वांनिकी के तहत् पौधों में रोहिडा, शीशम, नीम, अमलतास एवं सब्जी में टमाटर व गोभी के पौध तैयार कर रहा है। पौधशाला के साथ-साथ खरीफ व रबी में सभी फसलों बुवाई कर उत्पादन लेता है। किसान खेती में फसलों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की फलदार खेती में नवीन बगीचा स्थापित करते हुए सिंचाई पद्धति में बूंद बूंद सिचांई को अपनाए। बूंद बूंद सिचांई पद्धति से सिंचाई जल का सद्पयोग से सिचिंत क्षेत्र मे वृद्धि सम्भव है। काजरी एवं कृषि-आत्मा विभाग से प्रगतिशील किसान के रूप में सीताराम सेंगवा को पुरस्कार मिला। सहायक कृषि अधिकारी रफीक अहमद कुरैशी कहा कि खेतीं में सिचांई जल बचत में बूंद बूंद सिचांई पद्धति बहुपयोगी तकनीकी है। फसलों के साथ साथ विभिन्न प्रकार की फलदार खेतीं भी खेतीं आय का एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।खेतीं में नवाचार पद्धति को अपनाकर खेतीं उत्पादन का वांच्छित लाभ प्राप्त किया जा सकता है। बुधवार को पौधरोंपण अभियान को सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस मौके पर कई अधिकारी व किसान उपस्थित रहे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor