हे मानव तूने क्या कर डाला रे…पर्यावरण को नष्ट कर डाला रे…फिजां में पंक्तियां गूंजी और नए पौधे लगाए, ताकि सबको मिले ऑक्सीजन
राखी पुरोहित. जोधपुर प्रकृति से बड़ी कोई चितेरी नहीं है। प्रकृति से बड़ी कोई सृजनकर्ता नहीं है। लेकिन इसी प्रकृति पर मानव विकास के नाम पर कुल्हाड़ी चला रहा है। विकास जरूरी है तो नए पौधे भी लगाने जरूरी है। न विकास की अनदेखी कर सकते और न ही प्रकृति-पर्यावरण की। बस इसी धुन के … Read more