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Thursday, July 9, 2026, 5:33 pm

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एक नदी पर्वत से निकली, गुनगुनाती, मुस्कुराती, गीत आजादी के गाती, वो चली सागर से मिलने, जिस तरह, मैं तुम्हें भी सोचता हूं कुछ इस तरह…

काव्य कलश संस्थान की गोष्ठी में खूब जमा रंग…शब्दो के अमृत ने मन के हर कोने को किया तृप्त दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर प्यास जग की है बुझाने, गीत आजादी के गाने,  दो किनारों पर है पै मंझली, एक नदी पर्वत से निकली, गुनगुनाती, मुस्कुराती, गीत आजादी के गाती, वो चली सागर से मिलने, जिस … Read more

डॉ. संजीदा खानम शाहीन की स्वतंत्रता दिवस से संबंधित कविता

कवयित्री : डॉ. संजीदा खानम शाहीन स्वतंत्रता दिवस आया है स्वतंत्रता दिवस आया है। परतंत्रता से मुक्ति पाया है। आजादी का जश्न म मनाया है। तिरंगा देश का लहराया है। देश का गौरव गान बढ़ाया है। तिरंगा जब जब फहराया है। तराना ए हिंद फक्र से गाया है। देश के प्रधानमंत्री ने ली सलामी, सावधान … Read more

अनुबंध वृद्धजन कुटीर में हर्षोल्लास से मनाया 79वां स्वतंत्रता दिवस

विद्याश्रम पब्लिक स्कूल पावटा के बच्चों ने दी मनोहारी प्रस्तुतियां राइजिंग भास्कर. जोधपुर विद्याश्रम पब्लिक स्कूल पावटा के विद्यार्थियों द्वारा मंडोर स्थित ‘अनुबंध वृद्धजन कुटीर में 79 वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इस मौके पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। विशेष अतिथि के रूप में पूर्व हाईकोर्ट जज एवं मानवाधिकार आयोग के पूर्व … Read more

शराब पर कुछ शेर : हंसराज बारासा हंसा

शाइर : हंसराज बारासा हंसा 1 थोड़ी थोड़ी करके बोतल से शराब खूब पी गये अब तो बोतल नही,मानो अन्धा कुआं हो कोई जिसमे डूब ही गये 2 शराबी ने अपने जिस्म को एक बोतल का आकार दे डाला ढक्कन खोला तो मुंह पतला, पेट फूला पैंदा चिपका सा पैरों का आधार दे डाला 3 … Read more