उफ ये भयंकर गर्मी…गीत : एडवोकेट अनिल भारद्वाज
कवि : एडवोकेट अनिल भारद्वाज उफ! ये गर्मी तप रहे धरती गगन उफ ये भयंकर गर्मी, उगल रही है आग उफ ये भयंकर गर्मी। इसके जुल्मो सितम से बिजली ही बचाती है, एसी फ्रिज कूलरों से ठंडकें बरसाती है, रौब बिजली ने अगर झाड़ा गर्मी मैडम पर, वो उसके ट्रांसफार्मर ही फूंक जाती है। नहाने … Read more