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Tuesday, August 25, 2026, 6:23 am

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अभाविप की दो-दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक की जोधपुर में शुरुआत

पारस शर्मा. जोधपुर 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की दो-दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक का जोधपुर स्थित रघुवंशपुरम आश्रम में शुभारंभ हुआ। इस बैठक में शैक्षिक, सामाजिक, संगठनात्मक, पर्यावरणीय, सांस्कृतिक, खेल और सेवा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी और आगामी कार्यों की योजना तैयार की जाएगी। देश के हर राज्य से कुल 102 प्रतिनिधि इस बैठक में भाग ले रहे हैं। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह श्री मुकुंद सी. आर. विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक में वर्तमान शैक्षिक, राष्ट्रीय एवं सामाजिक परिस्थितियों पर चर्चा के साथ “विचार बैठक 2025” के स्वरूप और प्रारूप, 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन (2024-25) की समीक्षा, और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों के अनुवर्तन पर विचार किया गया। “परिसर चलो अभियान,” भारतीय गणतंत्र के 75 वर्ष, स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती, रानी दुर्गावती की पंचशती पूर्ति, और संघ शताब्दी वर्ष जैसे विशेष अभियानों की योजनाएं बनाई गईं। संगठनात्मक कार्यों और विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम सुधार पर चर्चा के साथ आगामी वर्षों (2025-26 और 2026-27) की योजनाओं के लिए सुझाव दिए गए। सदस्यता अभियान और महाविद्यालय इकाइयों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री वीरेंद्र सोलंकी ने बताया कि सत्र 2024-25 में देशभर में कुल 57,82,877 विद्यार्थियों ने अभाविप की सदस्यता ली है। विगत वर्ष की तुलना में लगभग 8 लाख अधिक विद्यार्थीयों ने अभाविप की सदस्यता ग्रहण की।

बैठक के प्रथम दिन में शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर भी गहन चिंतन किया गया। जिसमे देशभर के शैक्षिक परिसरों में चल रही अनियमितताओं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, शैक्षिक संस्थानों में हो रही शुल्क वृद्धि व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, आदि बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजशरण शाही ने कहा, “भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश समय की आवश्यकता है। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि इसे भारत की प्रकृति और संस्कृति के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए।” भाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सोलंकी ने कहा, “केंद्रीय कार्यसमिति की इस बैठक में छात्र आंदोलन की दिशा और दशा पर चर्चा के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। यह बैठक युवा शक्ति को संगठित कर राष्ट्र के विकास में उनके योगदान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इसके अतिरिक्त, कार्यकर्ताओं की क्षमता विकास के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे संगठन की कार्यप्रणाली को और सशक्त बनाया जा सके। तकनीकी प्रगति के युग में विद्यार्थियों को नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। संगठन द्वारा तकनीकी जागरूकता और डिजिटल कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।”

अभाविप की यह केंद्रीय कार्यसमिति बैठक शिक्षा, संस्कृति, समाज और संगठन के समग्र विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों को नेतृत्व के लिए तैयार करना और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है ताकि भारत एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सके।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor